New Delhi: सुप्रीम कोर्ट ने मध्यप्रदेश के मंत्री विजय शाह द्वारा कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए गए विवादित बयान की जांच कर रही एसआईटी को और समय दे दिया है। कोर्ट ने साफ कर दिया है कि जब तक जांच पूरी नहीं होती, तब तक विजय शाह की गिरफ्तारी नहीं होगी। इस मामले की अगली सुनवाई जुलाई महीने में होगी। सुप्रीम कोर्ट ने मध्यप्रदेश हाई कोर्ट को भी निर्देश दिया है कि वह इस मामले में फिलहाल कोई सुनवाई न करे, क्योंकि सर्वोच्च न्यायालय इसकी सुनवाई कर रहा है।
मामला तब गर्माया जब विजय शाह ने इंदौर में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान कर्नल सोफिया कुरैशी का नाम लिए बिना एक बयान दिया, जिसे सेना और समाज के प्रति अपमानजनक माना गया। इसके बाद इस बयान की व्यापक आलोचना हुई और मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था।
15 मई को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मंत्री विजय शाह को कड़ी फटकार लगाई थी। कोर्ट ने टिप्पणी की थी कि, “आप सरकार में मंत्री हैं, आपको शब्दों की जिम्मेदारी समझनी चाहिए। देश संकट के दौर से गुजर रहा है, ऐसे में हर बयान का असर होता है।” कोर्ट ने यह भी कहा कि विजय शाह के बयान से पूरा देश शर्मिंदा हुआ है।
विजय शाह ने सुप्रीम कोर्ट में हाई कोर्ट के एफआईआर दर्ज करने के आदेश को चुनौती दी थी। उनके वकील विभा मखीजा ने तर्क दिया कि हाई कोर्ट ने उनका पक्ष सुने बिना ही एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया और उनके बयान का गलत मतलब निकाला गया। साथ ही यह भी बताया गया कि विजय शाह ने अपने बयान के लिए माफी भी मांग ली थी।
19 मई को हुई पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने जांच में सहयोग की शर्त पर विजय शाह की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी और तीन सदस्यीय एसआईटी गठित कर दी थी। अब एसआईटी ने जांच के लिए और वक्त मांगा, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है।
यह मामला अब भी राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा में है, और सबकी निगाहें जुलाई की सुनवाई पर टिकी हैं।



