- अमृत 2.0 योजना के तहत दानापुर में ₹93.56 करोड़ की जलापूर्ति परियोजना को मंजूरी मिल गई है। योजना के तहत 63 किमी पाइपलाइन, ओवरहेड टैंक और आधुनिक जलापूर्ति नेटवर्क विकसित कर 5,877 से अधिक घरों तक नल से पानी पहुंचाने का लक्ष्य है।
Patna : दानापुर शहर और आसपास के आवासीय इलाकों में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार की अमृत 2.0 योजना के तहत दानापुर जलापूर्ति योजना को मंजूरी मिल गई है। इस परियोजना पर ₹93.56 करोड़ खर्च किए जाएंगे और 5,877 से अधिक घरों तक नल से शुद्ध पानी पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
परियोजना के निर्माण की जिम्मेदारी बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड (बुडको) को दी गई है। योजना को पूरा करने के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है।
एक साल में पूरी होगी परियोजना
दानापुर जलापूर्ति परियोजना को पूरा करने के लिए एक साल का समय निर्धारित किया गया है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद संबंधित एजेंसी पांच साल तक योजना के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी संभालेगी।
योजना के तहत दानापुर नगर परिषद क्षेत्र और आसपास के आवासीय इलाकों में पेयजल आपूर्ति नेटवर्क को मजबूत किया जाएगा। इससे उन इलाकों को भी जलापूर्ति व्यवस्था से जोड़ा जाएगा, जहां अभी पाइपलाइन की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
63 किलोमीटर लंबी नई पाइपलाइन बिछेगी
परियोजना के तहत 63 किलोमीटर लंबी नई पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इसमें राइजिंग मेन और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क शामिल होगा।
नई पाइपलाइन के माध्यम से दानापुर के घने आबादी वाले और नए विकसित इलाकों तक जलापूर्ति पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी। इससे अधिक घरों तक नल से पानी की सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।
2,526 किलोलीटर क्षमता के बनेंगे ओवरहेड टैंक
पानी के भंडारण और सभी इलाकों में पर्याप्त दबाव के साथ आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 2,526 किलोलीटर क्षमता के ऊंचे जल भंडार गृह यानी ओवरहेड टैंक बनाए जाएंगे।
इससे पानी को पर्याप्त दबाव के साथ अंतिम छोर तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। योजना में पुराने पंपिंग स्टेशनों और जल निकायों के जीर्णोद्धार का काम भी शामिल है।
हर व्यक्ति को प्रतिदिन 135 लीटर पानी देने का लक्ष्य
योजना के तहत प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 135 लीटर पानी उपलब्ध कराने का मानक तय किया गया है। घर-घर पानी पहुंचाने के लिए नल कनेक्शन भी दिए जाएंगे।
इससे लोगों की हैंडपंप और भूजल पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है। योजना में पानी की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए आधुनिक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट प्रणाली भी शामिल की गई है।
जल मीटर और कंट्रोल वाल्व भी लगाए जाएंगे
निर्माण कार्य के दौरान जल मीटर और कंट्रोल वाल्व लगाए जाएंगे। जल मीटर से पानी की खपत पर नजर रखने में मदद मिलेगी, जबकि कंट्रोल वाल्व के जरिए जरूरत के अनुसार पानी के प्रवाह को नियंत्रित किया जा सकेगा।
इससे पानी की बर्बादी रोकने और सभी घरों तक समान रूप से पानी पहुंचाने में मदद मिलेगी। अमृत 2.0 के तहत यह परियोजना दानापुर की पेयजल व्यवस्था को आधुनिक और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
योजना पूरी होने के बाद शहर और आसपास के इलाकों में नियमित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।



