Ranchi : सरकारी कार्यालयों में कार्यसंस्कृति को दुरुस्त करने के मकसद से रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने मंगलवार को समाहरणालय स्थित ब्लॉक-ए में औचक निरीक्षण किया। डीसी के कार्यालय पहुंचते ही परिसर में अफरातफरी मच गई। कर्मचारियों और अधिकारियों के चेहरों पर घबराहट साफ नजर आने लगी।
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निरीक्षण के दौरान जो स्थिति सामने आई, वह सरकारी कामकाज की लापरवाही को उजागर करने वाली थी। कई कर्मचारी अपनी ड्यूटी से नदारद पाए गए, वो भी बिना किसी पूर्व सूचना के। वहीं कई अधिकारी ऐसे भी थे जो बिना पहचान पत्र (ID कार्ड) के परिसर में घूमते हुए मिले। यह स्थिति सुरक्षा के लिहाज से भी गंभीर मानी गई।
इतना ही नहीं, कुछ विभागों की टेबलों पर नाम-पट्टी तक नहीं लगी थी, जिससे कर्मचारियों की पहचान और जवाबदेही तय करना मुश्किल हो रहा था।
डीसी भजन्त्री ने इन सभी गड़बड़ियों पर कड़ा रुख अपनाते हुए सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालयों में अनुशासन और पारदर्शिता अनिवार्य है। अब लापरवाही को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उपायुक्त ने दिए ये निर्देश:
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अनुपस्थित कर्मचारियों की उपस्थिति पंजिका की जांच कर कार्रवाई की जाए।
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जो कर्मचारी या अधिकारी बिना ID कार्ड कार्यालय परिसर में पाए गए, उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कदम उठाया जाए।
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जिन विभागों में टेबलों पर नाम-पट्टी नहीं लगी है, उन्हें चिह्नित कर तुरंत व्यवस्था दुरुस्त की जाए।
डीसी ने स्पष्ट किया कि यह निरीक्षण केवल एक दिन की कार्रवाई नहीं है। भविष्य में भी इसी तरह की छापेमारी होती रहेगी, ताकि कामकाज की गुणवत्ता में सुधार हो सके और कर्मचारियों में जिम्मेदारी की भावना विकसित हो।
यह कदम सरकारी तंत्र में जवाबदेही को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम प्रयास माना जा रहा है। अब देखना होगा कि यह कार्रवाई सिस्टम में स्थायी बदलाव लाने में कितनी सफल होती है या फिर यह भी अन्य प्रयासों की तरह कागजों तक सीमित रह जाएगी।



