Jamshedpur : आदित्यपुर और टाटानगर के बीच निर्माणाधीन तीसरी रेलवे लाइन इन दिनों नशे की समस्या को लेकर चर्चा में है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह इलाका धीरे-धीरे नशेड़ियों और असामाजिक तत्वों का अड्डा बनता जा रहा है, जिससे यात्रियों और रेलवे संपत्ति की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है।
खरकई नदी के पुल से लेकर जुगसलाई तक शाम ढलते ही कई लोग रेलवे ट्रैक के आसपास जुटने लगते हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, कुछ लोग खुलेआम नशीले पदार्थों का सेवन करते हैं, जबकि कई नशेड़ी सीधे रेलवे पटरी पर बैठ जाते हैं। इससे किसी भी समय बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है।
लोगों का कहना है कि तीसरी रेलवे लाइन अभी निर्माणाधीन है, जिस कारण इस इलाके में निगरानी काफी कम है। इसी का फायदा उठाकर असामाजिक तत्व यहां सक्रिय हो गए हैं। आने वाले समय में जब इस लाइन पर ट्रेनों की आवाजाही शुरू होगी, तब स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।
झारखंड रेल यूजर्स संगठन ने इस मामले को लेकर रेलवे प्रशासन और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। संगठन का कहना है कि इलाके में नियमित गश्त, पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था और नशे के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने बेहद जरूरी हैं।
रेल यूजर्स का यह भी कहना है कि यदि समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचने के साथ-साथ किसी बड़ी दुर्घटना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

