Palamu : पलामू के उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए लगातार प्रखंड और अंचल कार्यालयों का निरीक्षण कर रहे हैं। इसी क्रम में शनिवार को उन्होंने सतबरवा प्रखंड का औचक निरीक्षण किया, जहां कई गंभीर अनियमितताएं उजागर हुईं।
निरीक्षण के दौरान सतबरवा के अंचल अधिकारी (सीओ) सह प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए। इस पर उपायुक्त ने नाराजगी जताई। मौके पर मौजूद एक लिपिक से जब अधिकारियों के बारे में जानकारी ली गई, तो उसने बताया कि सीओ सह बीडीओ कार्यालय आ रहे हैं।
हालांकि, जब उपायुक्त ने खुद फोन पर संपर्क किया, तो संबंधित अधिकारी ने बताया कि वे छुट्टी पर हैं। इस विरोधाभासी जानकारी से नाराज उपायुक्त ने तत्काल सीओ सह बीडीओ को शोकॉज नोटिस जारी करने का निर्देश दिया, वहीं गलत जानकारी देने वाले लिपिक को निलंबित करने का आदेश दे दिया।
निरीक्षण के दौरान कई कर्मचारी देर से कार्यालय पहुंचते भी पाए गए, जिन्हें उपायुक्त ने कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि कार्यशैली में सुधार करें, अन्यथा कड़ी कार्रवाई के लिए तैयार रहें। उन्होंने कहा कि आम जनता को सरकारी कामकाज में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए, अन्यथा संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
उपायुक्त ने निरीक्षण के दौरान कार्यालय में पाई गई कमियों को तुरंत दूर करने का निर्देश दिया। साथ ही कार्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर सुरक्षा गार्ड की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा, ताकि अनधिकृत लोगों का प्रवेश रोका जा सके।
भीषण गर्मी के बीच बढ़ती पेयजल समस्या पर उपायुक्त ने कहा कि सतबरवा प्रखंड सहित पूरे जिले की पुरानी जलापूर्ति योजनाओं की समीक्षा की जाएगी और उन्हें दुरुस्त करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।
इसके बाद उपायुक्त ने सतबरवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया, जहां उन्होंने प्रयोगशाला तकनीशियन से अपनी शुगर जांच करवाई और स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया।
उन्होंने सतबरवा के बालिका उच्च विद्यालय का भी दौरा किया, जहां 10वीं कक्षा की छात्राओं से बातचीत कर उनकी पढ़ाई और स्कूल की सुविधाओं की जानकारी ली। साथ ही विद्यालय के रसोईघर और शौचालय का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए।



