हाथी के हमले से मां-बेटी की मौत, दो बुजुर्ग गंभीर

Saraikela : झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल अनुमंडल अंतर्गत ईचागढ़ प्रखंड के हाड़ात गांव में शनिवार तड़के जंगली हाथी के हमले से हड़कंप मच गया। रात करीब तीन बजे गांव में घुसे हाथी ने एक ही परिवार पर हमला कर दिया, जिसमें मां और

हाथी के हमले से मां-बेटी की मौत, दो बुजुर्ग गंभीर
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Saraikela : झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल अनुमंडल अंतर्गत ईचागढ़ प्रखंड के हाड़ात गांव में शनिवार तड़के जंगली हाथी के हमले से हड़कंप मच गया। रात करीब तीन बजे गांव में घुसे हाथी ने एक ही परिवार पर हमला कर दिया, जिसमें मां और बेटी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गए।

ग्रामीणों के अनुसार, हाथी अचानक गांव में घुस आया और सीधे मोहनलाल महतो के घर को निशाना बनाया। रात के सन्नाटे में हुए इस हमले से परिवार को संभलने का मौका तक नहीं मिला। हाथी ने घर में घुसकर जमकर उत्पात मचाया और घर में मौजूद लोगों को कुचल दिया।

इस हमले में 35 वर्षीय चाइना देवी और उनकी 13 वर्षीय पुत्री अमिता की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई। दोनों के शव बुरी तरह क्षत-विक्षत अवस्था में मिले। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।

वहीं, परिवार के मुखिया 72 वर्षीय मोहनलाल महतो और 70 वर्षीय सांतुला देवी गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को तत्काल स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल रेफर किया गया। डॉक्टरों के अनुसार, दोनों की हालत नाजुक बनी हुई है।

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी। पुलिस प्रशासन भी गांव में कैंप कर रहा है।

वन विभाग ने तत्काल राहत के रूप में मृतकों के परिजनों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि दी है। अधिकारियों ने बताया कि आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रत्येक मृतक के आश्रितों को 3.5 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।

दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए सरायकेला सदर अस्पताल भेज दिया गया है। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। ग्रामीण रात में घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं और हाथी के फिर से लौटने की आशंका से भयभीत हैं।

वन विभाग ने हाथी की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष निगरानी शुरू कर दी है। साथ ही ग्रामीणों को रात में सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की हिदायत दी गई है।

मानव-हाथी संघर्ष बना चिंता का विषय
लगातार बढ़ रही मानव-हाथी संघर्ष की घटनाओं ने ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।

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