Ranchi : राज्यभर के 17,380 पंचायत सहायकों की स्थिति बदतर बनी हुई है। वर्ष 2016 में चयनित इन पंचायत सचिवालय स्वयंसेवकों (अब पंचायत सहायक) को आज भी पंचायत भवनों में न तो बैठने की जगह मिली है और न ही नियमित कार्य का अवसर।
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राज्य पंचायत सहायक संघ के अध्यक्ष चंद्रदीप कुमार ने बताया कि रांची में 263 दिनों तक आंदोलन करने के बाद सरकार ने 12 मार्च 2024 को कैबिनेट में घोषणा कर इनकी मांगें स्वीकार की थीं। विभागीय मार्गदर्शिका भी जारी हो चुकी है, बावजूद इसके पंचायत सहायकों को पंचायत भवनों में न तो कमरा आवंटित किया गया है और न ही कार्य सौंपा जा रहा है।
कई पंचायत सहायकों को तीन महीने की प्रोत्साहन राशि मिली है, जबकि कई को राशि का इंतजार है या वह लेप्स हो चुकी है। सरकार ने हर पंचायत भवन में दो पालियों में पंचायत सहायकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने का आदेश दिया था, लेकिन कमरा आवंटन के अभाव में यह व्यवस्था लागू नहीं हो पा रही है।
परिणामस्वरूप आम जनता को जन्म, मृत्यु, आय, जाति जैसे प्रमाण पत्रों के लिए अब भी प्रखंड व जिला कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। पंचायतों की निष्क्रियता से ग्रामीणों की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं।
संघ ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही विभागीय आदेशों का पालन नहीं हुआ, तो फिर से आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ सकता है।
