Barkatha : बरकट्ठा प्रखंड के कई पंचायतों में हाथियों के झुंड ने दहशत का माहौल बना दिया है। पिछले एक सप्ताह से कठधवा, घंघरी, बगबंघवा और मधुवन पंचायतों के जंगलों में 20 से 22 हाथियों का झुंड घूम रहा है, जिसमें छोटे हाथी भी शामिल हैं। इनकी गतिविधियों से ग्रामीण भयभीत हैं और रातभर जागकर पहरा देने को मजबूर हैं।
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स्थानीय पंचायत समिति सदस्य प्रतिनिधि समीम अंसारी ने सोमवार को बताया कि हाथियों की संख्या काफी अधिक है और उनका आक्रामक व्यवहार किसी भी समय बड़ी घटना को जन्म दे सकता है। ग्रामीणों ने बताया कि शनिवार की रात उन्होंने मशाल जलाकर हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास किया, लेकिन खतरा अभी भी बरकरार है।
वन विभाग की टीम ने रविवार सुबह हाथियों को जीटी रोड के पार भेजने की कोशिश की, लेकिन हाथी बार-बार रिहायशी इलाकों की ओर लौट आते हैं। गैडा पंचायत के उप मुखिया चंद्रदीप पांडे ने जानकारी दी कि बीते सप्ताह बरकनगांगो गांव में एक बुजुर्ग को एक बिछड़ा हुआ हाथी कुचल कर मार चुका है, जिससे ग्रामीणों का डर और बढ़ गया है।
स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि राजकुमार गिरी का कहना है कि प्रशासन की तरफ से कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। हर साल की तरह इस बार भी हाथियों को एक जंगल से दूसरे जंगल में खदेड़ दिया जाता है, लेकिन रात होते ही वे फिर गांव में घुस आते हैं। इससे किसी बड़े हादसे की संभावना लगातार बनी रहती है।
ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन से मांग की है कि हाथियों को स्थायी रूप से क्षेत्र से बाहर किया जाए और उनके हमलों से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। नहीं तो हर साल ग्रामीणों की जान-माल को खतरा बना रहेगा।

