Ranchi : बिरसा कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) के कुलपति डॉ एससी दुबे ने विश्व पशुचिकित्सा दिवस पर कहा कि पशु चिकित्सा में संवेदना, सहानुभूति और समानुभूति जरूरी है। उन्होंने कहा कि पशु चिकित्सकों का दायित्व सिर्फ इलाज तक सीमित नहीं, बल्कि पशुओं के स्वास्थ्य प्रबंधन और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का भी है।
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कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ शमशुल हक ने कुत्तों में डायलिसिस के महत्व पर प्रकाश डाला। डीन डॉ एमके गुप्त ने भारत में पशु चिकित्सकों की कमी को रेखांकित करते हुए वेटनरी पारा मेडिकल कोर्स शुरू करने की जरूरत बताई। कार्यक्रम में वरिष्ठ शिक्षकों और उद्योग प्रतिनिधियों को सम्मानित भी किया गया।



