Patna: बिहार में लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने खाद्य सुरक्षा अभियान तेज कर दिया है। राज्य के कई जिलों में होटल, रेस्टोरेंट, बेकरी, डेयरी, मसाला दुकानों और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया जा रहा है। इस दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के साथ स्वच्छता, लाइसेंस और सुरक्षित भंडारण व्यवस्था की भी जांच की जा रही है। स्वास्थ्य सचिव-सह-खाद्य संरक्षा आयुक्त कुमार रवि के निर्देश पर चल रहे अभियान के तहत कई जिलों से दूध और दुग्ध उत्पाद, मसाले, अनाज, दाल, बेकरी आइटम और पेय पदार्थों के नमूने लिए गए हैं। इन सैंपलों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्रयोगशालाओं में जांच के लिए भेजा जा रहा है।
पटना में औचक जांच, संदिग्ध खाद्य प्रतिष्ठानों को नोटिस
पटना में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचने के लिए विशेष निरीक्षण और नमूना संग्रहण अभियान चलाया गया। इस दौरान खाद्य तेल और पेय पदार्थों के सैंपल लिए गए। जांच के दौरान मिलावट या खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की आशंका वाले प्रतिष्ठानों पर नोटिस जारी किए गए। संबंधित मामलों में नियमानुसार कानूनी कार्रवाई भी की गई है।
सीवान और गोपालगंज में भी लिए गए खाद्य सैंपल
18 और 19 सितंबर को सीवान तथा गोपालगंज में खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की गई। यहां से अलग-अलग खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए संयुक्त खाद्य एवं औषधि प्रयोगशाला, अगमकुआं, पटना भेजे गए। खाद्य कारोबारियों को प्रतिष्ठान की साफ-सफाई, कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए।
नालंदा में हल्दी, मूंग और बिस्कुट के सैंपल
नालंदा में निरीक्षण के दौरान टरमेरिक पाउडर, मूंग और बिस्कुट के नमूने संग्रहित किए गए। अधिकारियों ने दुकानदारों को FSSAI लाइसेंस या पंजीकरण को प्रतिष्ठान के मुख्य द्वार पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने को कहा। जहां लाइसेंस या पंजीकरण जरूरी है, वहां इसे प्राप्त करने के निर्देश भी दिए गए। खाद्य सामग्री को ढककर रखने और FIFO व्यवस्था अपनाने पर भी जोर दिया गया।
पूर्वी चंपारण में दूध उत्पादों की जांच
पूर्वी चंपारण में दूध और दुग्ध उत्पादों की श्रेणी से नमूने लिए गए। इनमें Amul Kool और Amul Chocolat के सैंपल भी शामिल हैं। वेंडर को परिसर की स्वच्छता बनाए रखने और खाद्य उत्पादों की ‘Best Before’ तारीख नियमित रूप से जांचने को कहा गया। साथ ही खाद्य सामग्री के भंडारण में FIFO/FEFO प्रणाली का पालन करने के निर्देश दिए गए।
अरवल और बेगूसराय में भी कार्रवाई
अरवल में 18 और 19 सितंबर को विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। यहां पेय पदार्थों के नमूने लिए गए और उन्हें प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया। निरीक्षण से जुड़ी ऑनलाइन प्रक्रिया भी पूरी की गई। वहीं, बेगूसराय में कई खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच के दौरान दूध एवं दुग्ध उत्पाद समेत अन्य खाद्य श्रेणियों के नमूने लिए गए। कारोबारियों को साफ-सफाई और खाद्य गुणवत्ता के तय मानकों का पालन करने की हिदायत दी गई।
गया और कटिहार में भी खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच
गया के टिकारी अनुमंडल समेत विभिन्न क्षेत्रों में खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। यहां मशरूम उत्पादन इकाई की प्री-रजिस्ट्रेशन जांच भी हुई। नियमों के अनुसार पंजीकरण के लिए पात्र नहीं पाई गई इकाइयों को आवश्यक खाद्य सुरक्षा लाइसेंस लेने का निर्देश दिया गया। कटिहार में भी कई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। पावर हाउस रोड, बिनोदपुर स्थित हरिहर बेकरी और कोर्ट के पास स्थित सरिता आहारा एवं तेल मिल की जांच की गई। अधिकारियों ने इन प्रतिष्ठानों को हाइजीन, सैनिटेशन और FIFO नियमों का पालन सुनिश्चित करने को कहा।
खाद्य कारोबारियों के लिए जरूरी निर्देश
स्वास्थ्य विभाग ने खाद्य कारोबारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। इनमें प्रमुख हैं:
- FSSAI लाइसेंस/पंजीकरण को प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित करना।
- खाद्य पदार्थों के भंडारण में FIFO/FEFO प्रणाली अपनाना।
- खाद्य सामग्री को ढककर और सुरक्षित तरीके से रखना।
- प्रतिष्ठान की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करना।
- कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखना।
- खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करना।
नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने, जरूरी लाइसेंस या पंजीकरण के बिना कारोबार करने अथवा अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य पदार्थ तैयार करने और बेचने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विभाग के मुताबिक, लोगों के स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए औचक निरीक्षण, सैंपल कलेक्शन और प्रवर्तन कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।


