Patna: बिहार में सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी संख्या में तकनीकी कर्मचारियों की पदस्थापना की है। बिहार तकनीकी सेवा आयोग (BTSC) की अनुशंसा के आधार पर राज्य के अलग-अलग सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में 792 ड्रेसर, 644 एक्स-रे टेक्निशियन और 24 फार्मासिस्ट को नियुक्ति के बाद पदस्थापित किया गया है। इस फैसले से मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तक तकनीकी कर्मचारियों की कमी कम होने की उम्मीद है। खासकर एक्स-रे और मरीजों की प्राथमिक चिकित्सा से जुड़ी सेवाओं को इससे सीधा फायदा मिलेगा।
792 ड्रेसर और 644 एक्स-रे टेक्निशियन की हुई पदस्थापना
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, 792 ड्रेसर के पद पर चयनित अभ्यर्थियों में 135 महिलाएं और 657 पुरुष शामिल हैं। वहीं, 644 एक्स-रे टेक्निशियन में 135 महिला और 511 पुरुष अभ्यर्थियों को पदस्थापना दी गई है। इसके अलावा 24 फार्मासिस्टों की भी पोस्टिंग की गई है। इससे पहले 846 फार्मासिस्टों की पदस्थापना हो चुकी थी। इस तरह अब तक बिहार में कुल 870 फार्मासिस्टों की पदस्थापना पूरी की जा चुकी है।
किन स्वास्थ्य संस्थानों को मिलेगा फायदा?
नए तकनीकी कर्मचारियों की तैनाती राज्य के विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में की गई है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल
- जिला अस्पताल
- अनुमंडलीय अस्पताल
- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC)
- रेफरल अस्पताल
- अन्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थान
ड्रेसर और एक्स-रे टेक्निशियन की उपलब्धता बढ़ने से मरीजों को जांच और उपचार से जुड़ी सुविधाएं समय पर मिलने में मदद मिलेगी। अस्पतालों में तकनीकी कामकाज का दबाव भी कम हो सकता है।
रैंडमाइजेशन से हुई पदस्थापना
स्वास्थ्य विभाग ने पदस्थापना की प्रक्रिया को पारदर्शी और मेरिट आधारित रखने के लिए NIC के सॉफ्टवेयर के जरिए रैंडमाइजेशन प्रक्रिया अपनाई। इसके साथ ही अभ्यर्थियों की सुविधा का भी ध्यान रखा गया है। दिव्यांग अभ्यर्थियों को यथासंभव उनके गृह जिले में पदस्थापित करने का प्रयास किया गया। वहीं, महिला और पुरुष अभ्यर्थियों को उनकी मेरिट के आधार पर अपेक्षाकृत नजदीकी जिलों में पदस्थापना देने की कोशिश की गई।
एक महीने के भीतर करना होगा योगदान
नवपदस्थापित ड्रेसर, एक्स-रे टेक्निशियन और फार्मासिस्टों को एक महीने के भीतर संबंधित संस्थान में योगदान करना होगा। योगदान के समय उन्हें अपने सभी शैक्षणिक और अन्य जरूरी मूल प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने होंगे। संबंधित अस्पताल के अधीक्षक या अधीक्षक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी प्रमाण-पत्रों का मूल दस्तावेजों से मिलान कर सत्यापन करेंगे। इसके बाद नियुक्ति से जुड़े प्रमाण-पत्रों की संबंधित संस्थानों से जांच भी कराई जाएगी। यह प्रक्रिया तीन महीने के भीतर पूरी कर विभाग को रिपोर्ट देने का निर्देश है।
स्वास्थ्य मंत्री ने दी नवपदस्थापित कर्मियों को बधाई
स्वास्थ्य मंत्री श्री निशांत ने सभी नवपदस्थापित ड्रेसर, एक्स-रे टेक्निशियन और फार्मासिस्टों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने में इन तकनीकी कर्मियों की भूमिका अहम होगी। मंत्री के अनुसार, सरकार का लक्ष्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध कराकर लोगों को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं देना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नए पदस्थापित कर्मचारी जिम्मेदारी और निष्ठा के साथ काम करते हुए मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में योगदान देंगे।


