भारत में सिर्फ एक चंद्र ग्रहण दिखेगा
New Delhi : साल 2026 खगोलशास्त्र और ज्योतिष में रुचि रखने वालों के लिए खास रहने वाला है। इस साल कुल चार ग्रहण लगेंगे, जिनमें दो सूर्य ग्रहण और दो चंद्र ग्रहण शामिल हैं। हालांकि, इनमें से सभी ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देंगे। भारत में सिर्फ एक पूर्ण चंद्र ग्रहण ही स्पष्ट रूप से नजर आएगा, जबकि बाकी तीन ग्रहण या तो भारत से दिखाई नहीं देंगे या उनका प्रभाव नगण्य रहेगा।
🔹 पहला ग्रहण: 17 फरवरी 2026 (सूर्य ग्रहण)
साल का पहला ग्रहण 17 फरवरी 2026 को लगेगा। यह एक वलयाकार सूर्य ग्रहण (Ring of Fire) होगा, जिसमें सूर्य का लगभग 96 प्रतिशत हिस्सा ढक जाएगा। यह ग्रहण करीब 2 मिनट 20 सेकेंड तक रहेगा।
यह सूर्य ग्रहण दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण अर्जेंटीना और अंटार्कटिका में दिखाई देगा। भारत में यह नजर नहीं आएगा, इसलिए सूतक काल भी मान्य नहीं होगा।
🔹 दूसरा ग्रहण: 3 मार्च 2026 (पूर्ण चंद्र ग्रहण)
3 मार्च 2026 को साल का पहला और भारत में दिखाई देने वाला पूर्ण चंद्र ग्रहण लगेगा। यह ग्रहण करीब 58 मिनट तक रहेगा। इस दौरान चंद्रमा लाल रंग (ब्लड मून) का दिखाई देगा।
खगोलशास्त्रियों के अनुसार, यह 2029 से पहले का आखिरी पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा। भारत में यह ग्रहण पूरी तरह दिखाई देगा और इसका सूतक काल भी मान्य रहेगा, इसलिए धार्मिक दृष्टि से भी इसका विशेष महत्व होगा।
🔹 तीसरा ग्रहण: 29 जुलाई 2026 (सूर्य ग्रहण)
29 जुलाई 2026 को साल का दूसरा सूर्य ग्रहण लगेगा, लेकिन यह भी भारत में दिखाई नहीं देगा। इसे अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका और अंटार्कटिका के कुछ हिस्सों में देखा जा सकेगा। भारत में दिखाई न देने के कारण सूतक काल लागू नहीं होगा।
🔹 चौथा ग्रहण: 28 अगस्त 2026 (चंद्र ग्रहण)
साल का आखिरी ग्रहण 28 अगस्त 2026 को लगेगा। यह दूसरा चंद्र ग्रहण होगा, जो उत्तर और दक्षिण अमेरिका, यूरोप और अफ्रीका के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा। भारत में यह ग्रहण नजर नहीं आएगा, इसलिए इसका भी सूतक काल मान्य नहीं होगा।
🔹 कुल मिलाकर 2026 का ग्रहण सार
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कुल ग्रहण: 4
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सूर्य ग्रहण: 2
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चंद्र ग्रहण: 2
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भारत में दिखाई देने वाला ग्रहण: सिर्फ 1 (3 मार्च का पूर्ण चंद्र ग्रहण)






