रोटी के आटे में ‘पाउडर’ का खेल? 1800 किलो सेलखड़ी बरामद, मशीनें सील

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now Agra : फतेहपुर सीकरी में खाद्य विभाग ने जौतना डाबर रोड स्थित समृद्धि ऑयल मिल पर छापा मारकर करीब 1,800 किलो सेलखड़ी और 1,350 किलो आटा बरामद किया है। विभाग को आटे में सेलखड़ी पाउडर

रोटी के आटे में ‘पाउडर’ का खेल? 1800 किलो सेलखड़ी बरामद, मशीनें सील
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Agra : फतेहपुर सीकरी में खाद्य विभाग ने जौतना डाबर रोड स्थित समृद्धि ऑयल मिल पर छापा मारकर करीब 1,800 किलो सेलखड़ी और 1,350 किलो आटा बरामद किया है। विभाग को आटे में सेलखड़ी पाउडर मिलाकर मिलावट किए जाने की आशंका है। हालांकि, इसकी पुष्टि प्रयोगशाला जांच के बाद ही होगी।

कार्रवाई के दौरान विभाग ने आटे के नमूने लिए और उन्हें जांच के लिए भेजा है। मौके पर आटा निर्माण का काम बंद करा दिया गया तथा मशीनों को सील कर दिया गया।

तेल और मसालों का लाइसेंस, बन रहा था आटा

खाद्य विभाग के अनुसार, संबंधित प्रतिष्ठान के पास खाद्य तेल के लिए फुटकर विक्रेता और खाद्य मसालों के लिए थोक विक्रेता की श्रेणी में लाइसेंस था। इसके बावजूद मौके पर आटा तैयार किया जा रहा था।

जांच के दौरान विभाग को लाइसेंस में दर्ज कारोबार और मौके पर चल रही गतिविधि में अंतर मिला। इसी आधार पर प्रतिष्ठान में चल रहे आटा निर्माण और वहां मौजूद सामग्री को जांच के दायरे में लिया गया।

1800 किलो सेलखड़ी और 1350 किलो आटा बरामद

खाद्य विभाग की टीम को मौके से करीब 1,800 किलो सेलखड़ी मिली, जिसकी अनुमानित कीमत 30,150 रुपये बताई गई है। इसके अलावा करीब 13.5 क्विंटल यानी 1,350 किलो आटा भी कब्जे में लिया गया।

विभाग को आशंका है कि सेलखड़ी पाउडर का इस्तेमाल आटे में मिलावट के लिए किया जा रहा था। हालांकि, अभी तक यह साबित नहीं हुआ है कि जब्त आटे में वास्तव में सेलखड़ी मिलाई गई थी।

आटे में क्यों मिलाई जाती है सेलखड़ी?

एफएसडीए के अधिकारियों के अनुसार, आटे में सेलखड़ी मिलाने का उद्देश्य उसका रंग अधिक सफेद और चमकदार करना हो सकता है। इसके अलावा घटिया गुणवत्ता वाले गेहूं से बने आटे का रंग बदलने और वजन बढ़ाने के लिए भी इसके इस्तेमाल की आशंका जताई गई है।

सेलखड़ी एक प्राकृतिक खनिज या पत्थर है, जिसे Soapstone कहा जाता है। इसका मुख्य घटक Talc होता है और यह अपेक्षाकृत मुलायम पत्थर है।

तीन ब्रांड के आटे के नमूने लिए गए

खाद्य विभाग की टीम ने मौके से अलग-अलग आटे के नमूने लिए हैं। इनमें समृद्धि ब्रांड आटा, उत्तम ब्रांड आटा और श्याम भोग चक्की फ्रेश आटा शामिल हैं।

इसके अलावा मौके पर मिले सेलखड़ी पाउडर का भी विधिक नमूना लिया गया है। सभी नमूनों को खाद्य प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। जांच रिपोर्ट से पता चलेगा कि जब्त आटे में खाद्य मानकों के खिलाफ किसी तरह की मिलावट थी या नहीं।

लाइसेंस निलंबन और FIR की तैयारी

खाद्य विभाग की कार्रवाई के बाद मौके पर आटा निर्माण पूरी तरह बंद करा दिया गया है। मशीनों को भी सील कर दिया गया है। विभाग अब प्रतिष्ठान के खाद्य कारोबार के लाइसेंस की भी जांच कर रहा है।

विभाग के मुताबिक, लाइसेंस खाद्य तेल और मसालों से संबंधित था, जबकि मौके पर आटा निर्माण का काम होता मिला। इसी आधार पर संबंधित खाद्य लाइसेंस के निलंबन की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

खाद्य विभाग की ओर से संबंधित कारोबारी के खिलाफ फतेहपुर सीकरी थाने में FIR दर्ज कराने की कार्रवाई भी की जा रही है। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद तय होगी।

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