- कांग्रेस विधायक ने सरकार पर साधा निशाना, कहा—खनिज संपदा और जनहित से जुड़े अधिकारों से समझौता बर्दाश्त नहीं
मुकेश रंजन
Ranchi : एमएमडीआर संशोधन विधेयक को लेकर झारखंड में सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। कांग्रेस विधायक सुरेश कुमार बैठा ने सरकार से इस विधेयक को तत्काल वापस लेने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि सरकार ने जनहित से जुड़े इस मुद्दे पर पुनर्विचार नहीं किया, तो कांग्रेस सड़क से सदन तक जोरदार संघर्ष करेगी।
सुरेश बैठा ने कहा कि खनिज संपदा केवल सरकार की आय का साधन नहीं, बल्कि राज्य की जनता और आने वाली पीढ़ियों की संपत्ति है। ऐसे में खनिज संसाधनों से जुड़े कानूनों में किसी भी प्रकार का संशोधन करने से पहले उसके दूरगामी प्रभावों का गंभीरता से आकलन किया जाना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि एमएमडीआर संशोधन विधेयक के प्रावधानों से आम लोगों, स्थानीय हितों और राज्य के अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। कांग्रेस किसी भी ऐसे प्रावधान का विरोध करेगी, जिससे झारखंड के हितों की अनदेखी हो।
जनहित से समझौता नहीं’:
कांग्रेस विधायक ने कहा कि पार्टी इस मुद्दे को विधानसभा के भीतर मजबूती से उठाएगी। जरूरत पड़ी तो कार्यकर्ताओं और आम जनता के साथ मिलकर सड़क पर भी आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि “झारखंड के अधिकारों और जनता के हितों की रक्षा के लिए कांग्रेस पीछे हटने वाली नहीं है।”
उन्होंने सरकार से मांग की कि विधेयक पर व्यापक चर्चा कराई जाए और जनहित के विपरीत प्रावधानों को तत्काल वापस लिया जाए। विधायक के इस बयान के बाद एमएमडीआर संशोधन विधेयक को लेकर राजनीतिक बहस और तेज होने के आसार हैं।
अब निगाहें सरकार के अगले कदम पर हैं। सरकार विधेयक को लेकर क्या रुख अपनाती है और कांग्रेस के विरोध का अगला चरण क्या होगा, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।



