- JSSC-CGL परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच तेज करते हुए CID की SIT ने 24 से अधिक सफल अभ्यर्थियों को फिर समन भेजा है। टीम ने मिथिलेश सिंह के घर पर भी दबिश दी है।
Ranchi : JSSC-CGL परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही CID की SIT ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। अब तक SIT करीब 100 सफल अभ्यर्थियों से पूछताछ कर चुकी है। सोमवार को भी करीब 20 अभ्यर्थियों से पूछताछ की गई।
जांच के दौरान संदिग्ध भूमिका सामने आने वाले अभ्यर्थियों से अलग-अलग चरणों में और अलग-अलग स्थानों पर पूछताछ की जा रही है। इसी क्रम में मंगलवार को 24 से अधिक सफल अभ्यर्थियों को पूछताछ के लिए दोबारा समन जारी किया गया है।
सफल अभ्यर्थियों से फिर पूछताछ
जानकारी के मुताबिक, SIT इन अभ्यर्थियों से परीक्षा की तैयारी, चयन प्रक्रिया, परीक्षा परिणाम और संदिग्ध गतिविधियों को लेकर जानकारी जुटा रही है। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने में लगी है कि सफल अभ्यर्थियों का परीक्षा से जुड़े अन्य संदिग्ध लोगों से किसी तरह का संपर्क था या नहीं।
JSSC-CGL मामले में CID अब सफल अभ्यर्थियों से पूछताछ के साथ परीक्षा से जुड़े संदिग्ध नेटवर्क और उसके सदस्यों के बीच संपर्कों की भी पड़ताल कर रही है।
अभय तिवारी से लगातार पूछताछ
JSSC और JPSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर अभय तिवारी से भी लगातार पूछताछ की जा रही है। CID ने सोमवार को भी उससे पूछताछ की।
जांच एजेंसी अभय तिवारी को मामले में एक अहम कड़ी मान रही है। वह CGL परीक्षा में सफल होकर सरकारी नौकरी हासिल कर चुका है और टीडीपीएल में मार्केटिंग मैनेजर के पद पर कार्यरत था। CID उससे परीक्षा और अभ्यर्थियों से जुड़े संपर्कों को लेकर लगातार जानकारी जुटा रही है।
मिथिलेश सिंह के घर SIT की दबिश
जांच में अभय तिवारी के गुरु के तौर पर सामने आए मिथिलेश सिंह के घर पर भी SIT ने दबिश दी है। टीम ने उनके ठिकाने पर पहुंचकर जांच की और मामले से जुड़े तथ्यों को हासिल किया है।
इन तथ्यों के आधार पर आगे की जांच की जा रही है। SIT अभय तिवारी और मिथिलेश सिंह के बीच संबंधों, परीक्षा से जुड़े कथित नेटवर्क और अभ्यर्थियों से संपर्क की जानकारी जुटा रही है।
सुषमा और अक्षय को भेजा गया जेल
मामले में गिरफ्तार अभय तिवारी की पत्नी सुषमा और भाई अक्षय से पूछताछ के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया है। दोनों के भी CGL परीक्षा में सफल होकर सरकारी नौकरी हासिल करने की जानकारी सामने आई है।
SIT उनकी भूमिका और दूसरे संदिग्ध अभ्यर्थियों से संभावित कनेक्शन की जांच कर रही है। पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के आधार पर मामले में आगे और लोगों की भूमिका सामने आने की संभावना है।



