Deoghar : झारखंड के देवघर से निकलकर वैश्विक फिनटेक सेक्टर में पहचान बनाने वाले कारोबारी गौरव कुमार इन दिनों चर्चा में हैं। मुंबई में आयोजित ग्लोबल फिनटेक फेस्ट (GFF) 2026 के उद्घाटन कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी कंपनी यूबी (UB) के कामकाज और तकनीकी नवाचारों पर करीब 15 मिनट तक प्रेजेंटेशन सुना।
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से देश की चुनिंदा आठ प्रमुख फिनटेक कंपनियों के संस्थापक और सीईओ को बातचीत के लिए चुना गया था। इसी क्रम में यूबी के संस्थापक एवं सीईओ गौरव कुमार को भी अपनी कंपनी के बिजनेस मॉडल और फिनटेक क्षेत्र में किए जा रहे काम को प्रस्तुत करने का अवसर मिला।
देवघर जैसे छोटे शहर से निकलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय तकनीक के क्षेत्र में मुकाम हासिल करने वाले गौरव कुमार की इस उपलब्धि को स्थानीय स्तर पर भी खास माना जा रहा है।
2020 में शुरू हुआ था उद्यम का सफर
गौरव कुमार के कारोबारी सफर में वर्ष 2020 एक महत्वपूर्ण पड़ाव रहा। इसी दौरान उन्होंने क्रेड ऐवेन्यू (CredAvenue) की शुरुआत की।
कंपनी का उद्देश्य बैंकों, एनबीएफसी, निवेशकों और कारोबारियों के बीच क्रेडिट उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को तकनीक के माध्यम से आसान और अधिक प्रभावी बनाना था।
डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल से कंपनी ने पारंपरिक कर्ज व्यवस्था में मौजूद कई प्रक्रियागत जटिलताओं को कम करने की दिशा में काम किया। धीरे-धीरे यह मॉडल निवेशकों और वित्तीय क्षेत्र की कंपनियों का ध्यान आकर्षित करने लगा।
137 मिलियन डॉलर की फंडिंग के बाद बनी यूनिकॉर्न
क्रेड ऐवेन्यू के विस्तार को उस समय बड़ा बढ़ावा मिला, जब वर्ष 2022 में कंपनी ने 137 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाई।
इसके बाद कंपनी करीब 1.3 अरब डॉलर के मूल्यांकन के साथ यूनिकॉर्न क्लब में शामिल हुई। यह गौरव कुमार के स्टार्टअप सफर का अहम पड़ाव माना गया।
बाद में क्रेड ऐवेन्यू का नाम बदलकर यूबी कर दिया गया। समय के साथ कंपनी ने अपने काम का विस्तार डिजिटल लेंडिंग से आगे बढ़ाते हुए क्रेडिट और रिस्क, कलेक्शन, फिक्स्ड इनकम तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित वित्तीय तकनीक जैसे क्षेत्रों तक किया।
GFF 2026 में प्रधानमंत्री से मुलाकात
मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स स्थित जियो वर्ल्ड सेंटर में 8 से 11 सितंबर तक ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 का आयोजन किया जा रहा है। चार दिवसीय सम्मेलन के सातवें संस्करण का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को किया।
उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने चुनिंदा फिनटेक कंपनियों के संस्थापकों और सीईओ से मुलाकात की। इसी दौरान गौरव कुमार ने यूबी के कारोबार, तकनीकी समाधान और वित्तीय क्षेत्र से जुड़े नवाचारों की जानकारी दी।
प्रधानमंत्री द्वारा करीब 15 मिनट तक प्रेजेंटेशन सुना जाना यूबी और गौरव कुमार के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
टॉप सेल्फ-मेड एंटरप्रेन्योर्स की सूची में भी नाम
गौरव कुमार की कारोबारी उपलब्धियों में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि IDFC FIRST Bank-Hurun India की टॉप 200 सेल्फ-मेड एंटरप्रेन्योर्स की सूची से जुड़ी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस सूची में उन्हें 68वां स्थान मिला था।
यूबी का मूल्यांकन करीब 13,300 करोड़ रुपये बताया गया है। वहीं गौरव कुमार द्वारा सह-स्थापित विवृति कैपिटल को इसी सूची में 83वां स्थान मिलने की जानकारी दी गई है।
दोनों कंपनियों के संयुक्त बाजार मूल्यांकन को करीब 25,000 करोड़ रुपये बताया गया है।
पिता रहे प्रेरणा का स्रोत
गौरव कुमार का देवघर से पारिवारिक और भावनात्मक जुड़ाव रहा है। उनके पिता डॉ. सुधीर कुमार देवघर के जाने-माने चिकित्सकों में शामिल रहे हैं।
चिकित्सा और शिक्षा के माहौल वाले परिवार से आने वाले गौरव ने अपना करियर वित्तीय तकनीक के क्षेत्र में बनाया। देवघर और सारठ से जुड़े पारिवारिक संबंधों के बीच पले-बढ़े गौरव ने तकनीक को वित्तीय सेवाओं से जोड़ने की दिशा में काम शुरू किया।
कारोबार के साथ सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय
गौरव कुमार की गतिविधियां कारोबारी क्षेत्र तक सीमित नहीं रही हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार उन्होंने एम्स देवघर में मरीजों की सुविधा के लिए दो बैटरी गाड़ियां दान की हैं।
इसके अलावा आरके मिशन के दो छात्रों की पढ़ाई के लिए 2.70 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की जानकारी भी सामने आई है।
उनके पिता डॉ. सुधीर कुमार ने गौरव की उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए इसे देवघर के लिए गौरव का क्षण बताया है।
छोटे शहर से वैश्विक फिनटेक मंच तक
गौरव कुमार की कहानी छोटे शहर से निकलकर तकनीक और उद्यमिता के जरिए बड़े कारोबारी मुकाम तक पहुंचने की मिसाल के तौर पर देखी जा रही है।
देवघर से शुरू हुआ उनका सफर क्रेड ऐवेन्यू से होते हुए यूबी तक पहुंचा और अब वैश्विक फिनटेक मंच पर उनकी मौजूदगी दर्ज हो रही है। GFF 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने कंपनी का प्रेजेंटेशन प्रस्तुत करना इस यात्रा का एक अहम पड़ाव माना जा रहा है।
उनकी उपलब्धि खास तौर पर छोटे शहरों के उन युवाओं के लिए प्रेरणा बन सकती है, जो तकनीक और उद्यमिता के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाने का सपना देखते हैं।


