Ranchi: राजधानी रांची के तिरिल स्थित CRPF कैंप में हवलदार भुवनेश्वर पाल की गोली लगने से मौत हो गई। घटना के बाद कैंप में हड़कंप मच गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, गोली उनकी सर्विस राइफल से चली। हालांकि, गोली चलने की परिस्थितियां और घटना की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है।
भुवनेश्वर पाल मूल रूप से डालटनगंज के रहने वाले थे और तिरिल CRPF कैंप में तैनात थे। गोली चलने की आवाज सुनने के बाद कैंप में मौजूद जवान और अधिकारी मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
CRPF IG ने की जवान की मौत की पुष्टि
घटना की जानकारी मिलने के बाद CRPF के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। CRPF IG साकेत सिंह ने जवान की मौत की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि हवलदार की मौत गोली लगने से हुई है।
हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि गोली किन परिस्थितियों में चली। घटना के कारणों का पता लगाने के लिए विभागीय स्तर पर जांच शुरू कर दी गई है।
घटना के बाद जांच में जुटे अधिकारी
हवलदार की मौत के बाद CRPF और पुलिस के अधिकारी मामले से जुड़े अलग-अलग पहलुओं की जांच कर रहे हैं। घटनास्थल से संबंधित जानकारी जुटाने के साथ जवान की ड्यूटी और घटना से पहले की गतिविधियों की भी पड़ताल की जा रही है।
जांच के दौरान अधिकारियों की ओर से यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि घटना के समय कैंप में क्या परिस्थितियां थीं और गोली चलने की वजह क्या रही।
पोस्टमार्टम की प्रक्रिया
जवान के शव को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने की कार्रवाई की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच से सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर मौत की परिस्थितियों को लेकर आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
घटना की वजह अभी साफ नहीं
CRPF अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल घटना के कारण को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। मामले की जांच जारी है और सभी संबंधित पहलुओं को देखा जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि तिरिल CRPF कैंप में हवलदार भुवनेश्वर पाल की मौत किन परिस्थितियों में हुई।
जवान की मौत की खबर सामने आने के बाद CRPF कैंप में शोक का माहौल है। विभागीय स्तर पर घटना से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है।




