Ranchi : झारखंड की राजधानी रांची के कांटाटोली इलाके में खुले नाले में गिरकर एक बच्चे की मौत के मामले पर झारखंड हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। स्थानीय अखबारों में प्रकाशित खबरों के आधार पर हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए इस मामले को जनहित याचिका में बदल दिया और मंगलवार को इसकी सुनवाई की।
मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश एम.एस. सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ में हुई। कोर्ट ने यह जानना चाहा कि इस दर्दनाक घटना के बाद जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई की गई है। सुनवाई के दौरान अदालत ने रांची नगर निगम की लचर और उदासीन कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताई और जमकर फटकार लगाई।
हाई कोर्ट ने राज्य सरकार और नगर निगम से शपथ पत्र के माध्यम से विस्तृत जवाब मांगा है। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि इससे पहले भी खुले नालों को ढकने को लेकर कोर्ट स्पष्ट निर्देश दे चुका है। इसके बावजूद यह स्पष्ट किया जाए कि अदालती आदेशों के बाद भी नाला किस परिस्थिति में खुला छोड़ा गया।
12 फरवरी तक जवाब दाखिल करने का निर्देश
कोर्ट ने यह भी पूछा कि नगर निगम की लापरवाही के कारण हुई इस घटना के बाद अब तक किस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई हुई या नहीं। अदालत ने इस पूरे मामले में 12 फरवरी तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अगली सुनवाई भी इसी दिन होगी।
गौरतलब है कि 20 जनवरी को कांटाटोली मोहल्ले में खुले नाले में एक बच्चा गिर गया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी। इस घटना को मीडिया में प्रमुखता से उठाए जाने के बाद झारखंड हाई कोर्ट ने इसे गंभीर मानते हुए जनहित याचिका के रूप में सुनवाई शुरू की।

