आईसेक्ट विश्वविद्यालय में हिंदी पखवाड़ा समापन समारोह का आयोजन

Hazaribagh। आईसेक्ट विश्वविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ एवं हिंदी विभाग के सहयोग से एनएसएस इकाई की ओर से आयोजित हिंदी पखवाड़ा समापन समारोह का आयोजन विश्वविद्यालय के मुख्य कैंपस के प्रशासनिक भवन परिसर में सोमवार को किया गया। बता दें कि हिंदी पखवाड़ा की

आईसेक्ट विश्वविद्यालय में हिंदी पखवाड़ा समापन समारोह का आयोजन
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Hazaribagh। आईसेक्ट विश्वविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ एवं हिंदी विभाग के सहयोग से एनएसएस इकाई की ओर से आयोजित हिंदी पखवाड़ा समापन समारोह का आयोजन विश्वविद्यालय के मुख्य कैंपस के प्रशासनिक भवन परिसर में सोमवार को किया गया। बता दें कि हिंदी पखवाड़ा की शुरुआत बीते 14 सितंबर को की गई थी, जिसमें श्लोक वाचन, चित्रकला, निबंध, वाद-विवाद, कविता पर आधारित गायन, स्वरचित कविता पाठन सहित अन्य प्रतियोगिताएं आयोजित की गई थी। सोमवार को समापन समारोह में सभी प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया।

इससे पूर्व आईसेक्ट विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ पीके नायक, कुलसचिव डॉ मुनीष गोविंद, डीन एडमिन डॉ एसआर रथ, डीन एकेडमिक डॉ एमके मिश्रा व वोकेशनल निदेशक डॉ बिनोद कुमार के हाथों दीप प्रज्ज्वलन व मां शारदे को पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई। सभी अतिथियों का परंपरागत स्वागत पम्मी के स्वागत गान के साथ किया गया। इसके बाद अंग्रेजी विभाग के विद्यार्थी सनी ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। मौके पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ पीके नायक ने प्रशासनिक एवं शैक्षणिक कार्यों में हिंदी के उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया और कहा कि न केवल हिन्दी संवाद का माध्यम है बल्कि भारतीय संस्कृति और विचारों का प्रतिबिंब भी है।

उन्होंने हिंदी पखवाड़ा के सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए आयोजन में सहभागिता के लिए सभी का उत्साहवर्धन भी किया। वहीं कुलसचिव डॉ मुनीष गोविंद ने कहा कि भारत में हिन्दी भाषा की महत्वपूर्ण भूमिका है। यह देश के बहुसंख्यक आबादी की बोली एवं समझी जाने वाली प्रमुख भाषा है। ऐसे में हर क्षेत्र में हिंदी भाषा को बढ़ावा दिए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सही मायने में हिंदी भाषा को उसका दर्जा प्रदान करना है तो हम सबको हिन्दी को पूरी तरह अपनी दिनचर्या में शामिल करना होगा। उन्होंने कहा कि हालांकि इसमें कोई दो राय नहीं कि जब भी हिंदी का ज़िक्र आता है, हिंदी और आगे बढ़ जाती है। हिन्दी हमारे लिए केवल भाषा नहीं बल्कि हमारा आस्तित्व है।

इस कार्यक्रम को डीन एडमिन डॉ एसआर रथ, डीन एकेडमिक डॉ एमके मिश्रा, वोकेशनल निदेशक डॉ बिनोद कुमार, विज्ञान संकाय की विभागाध्यक्ष सबीता कुमारी, नेहा सिन्हा, कृषि संकायाध्यक्ष डॉ अरविंद कुमार, विभागाध्यक्ष डॉ सत्यप्रकाश, प्रभात किरण, कला एवं मानविकी संकायाध्यक्ष डॉ प्रीति व्यास, हिंदी विभाग के सहायक प्राध्यापक संजय कुमार दांगी, डॉ ओम कुमार दास, वाणिज्य एवं प्रबंधन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ आलोक कुमार, रितेश कुमार, अंग्रेजी विभाग की सहायक प्राध्यापिका सबा परवीन समेत अन्य ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया और हिंदी भाषा के बढ़ावा पर जोर दिया। इस बीच विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने कविता पाठ, नृत्य और गायन कार्यक्रम को और खुशनुमा बना दिया। राष्ट्र गान के साथ कार्यक्रम समाप्त हुआ। मंच संचालन विज्ञान विभाग की छात्रा हेरा फातिमा व अंग्रेजी विभाग के छात्र गुलशन सिंह ने जबकि धन्यवाद ज्ञापन कृषि विभाग की छात्रा पूजा ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में आईक्यूएसी निदेशक डॉ एसआर रथ, कार्यक्रम संयोजक डॉ रोजी कांत, डॉ प्रीति व्यास, सहायक कुलसचिव अमित कुमार, कुमारी सीमा, डॉ अरविंद कुमार, संजय कुमार दांगी, डॉ ओम कुमार दास, शुभा कुमारी, रविकांत, सबीता कुमारी, रितेश कुमार सहित अन्य महत्वपूर्ण योगदान रहा।

कार्यक्रम में कई प्राध्यापक -प्रध्यापिकाओं व कर्मियों के साथ साथ बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद थे।

विभिन्न प्रतियोगिताओं में इन्हें किया गया पुरस्कृत

संगीत प्रतियोगिता में निलेश कुमार, आर्यन कुमार व सचिन कुमार, चित्रकला में आनंद कुमार कुशवाहा, निशि शर्मा व पवन कुमार दास, कविता में सार्थक कुमार, समर्थ कुमार व रानी कुमारी, इंटर स्तरीय निबंध प्रतियोगिता में राखी यादव, रिया कुमारी व सदफ़ नाज़ जबकि स्नातक स्तरीय निबंध प्रतियोगिता में प्रेम कुमार गुप्ता, रानी कुमारी व राजन कुमार, वाद-विवाद प्रतियोगिता के समुह एक में नितिन, हेरा फातिमा व डॉली कुमारी, वहीं समुह दो में हर्ष कुमार, प्रणय भारती व कुमारी दिव्या राणा को क्रमशः प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। सभी विजेता प्रतिभागियों को कुलपति डॉ पीके नायक, कुलसचिव डॉ मुनीष गोविंद, डीन एडमिन डॉ एसआर रथ, डीन एकेडमिक डॉ एमके मिश्रा, वोकेशनल निदेशक डॉ बिनोद कुमार व अन्य के हाथों पुरस्कृत किया गया। बेहतर कविता पाठ के लिए सहायक प्राध्यापिका कोमल पल्लवी भेंगरा व फरहीन सिद्दीकी को भी सम्मानित किया गया।

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