मालदह: चांचल सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन परियोजना का निर्माण कार्य छह महीने पहले ही पूरा हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद अब तक इसे शुरू नहीं किया गया है। 16 लाख रुपये की लागत से तैयार की गई इस परियोजना का उद्देश्य अस्पताल परिसर को साफ-सुथरा और स्वच्छ बनाना था, लेकिन इसके शुरू न होने से अब हालात और बदतर हो गए हैं।
अस्पताल के चारों ओर जमा कचरे से तेज दुर्गंध उठ रही है, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क से गुजरने वाले लोग भी नाक पर रूमाल रखकर चलने को मजबूर हैं। स्थिति इतनी खराब है कि डायलिसिस वार्ड की ओर जाने वाले मरीजों की सेहत पर भी असर पड़ रहा है।
मालतीपुर की निवासी दीपा दास, जो अपने रिश्तेदार का इलाज कराने अस्पताल आई थीं, ने कहा, “मैं जब भी कचरे के पास से गुजरती हूं, मुझे उल्टी जैसा महसूस होता है। अब तो खाना भी नहीं खा पा रही हूं और बीमार महसूस कर रही हूं।”
अस्पताल परिसर में निर्माणाधीन इमारत के सामने उद्घाटन पट्टिका तो टंग गई है, लेकिन अब तक सेवा शुरू नहीं होने से स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर देरी क्यों हो रही है।
इस मामले में अस्पताल के अधीक्षक डॉ. सुमित तालुकदार का कहना है कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली अब तक अस्पताल को सौंपा नहीं गया है। उन्होंने बताया कि यह परियोजना जिला परिषद की पहल पर शुरू की गई थी, ताकि अस्पताल की वर्षों पुरानी कचरा समस्या का समाधान किया जा सके।
वहीं, मालदह जिला परिषद की सदस्य सायरा बानो ने कहा, “परियोजना का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। कुछ जरूरी उपकरण लगाए जाने बाकी हैं। हम जल्द ही जिला प्रशासन से चर्चा कर इसे चालू कराएंगे।”
स्थानीय लोगों और मरीजों की मांग है कि इस प्रोजेक्ट को तुरंत शुरू किया जाए, ताकि अस्पताल परिसर को साफ-सुथरा बनाया जा सके और मरीजों की सेहत से कोई समझौता न हो।



