Dhanbad : झारखंड के धनबाद जिले के बाघमारा अनुमंडल क्षेत्र में बुधवार रात एक बड़ी कार्रवाई के तहत अवैध हथियार फैक्ट्री का खुलासा हुआ है। महुदा थाना क्षेत्र के सिंगड़ा बस्ती में झारखंड और पश्चिम बंगाल की संयुक्त एटीएस (एंटी टेररिस्ट स्क्वाड) टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की। यह छापा एक वाहन चालक के रूप में रह रहे मुर्शिद अंसारी के घर पर मारा गया, जहां से मिनी गन फैक्ट्री संचालित हो रही थी।
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छापेमारी के दौरान टीम ने भारी मात्रा में तैयार और अधबने देशी पिस्तौल, हथियार बनाने के औजार और उपकरण बरामद किए। इस गन फैक्ट्री के पीछे मुर्शिद अंसारी का नाम सामने आया है, जो अपनी पत्नी हिना परवीन के साथ यहां रह रहा था। मौके से मुर्शिद अंसारी सहित छह लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि पूछताछ के बाद उसकी पत्नी को छोड़ दिया गया।
पकड़े गए आरोपितों में शामिल कारीगर बिहार के कुख्यात मुंगेर जिले से हैं, जो तकनीकी रूप से हथियार निर्माण में निपुण बताए जा रहे हैं। इनका काम बेहद सुनियोजित था और यह गिरोह लंबे समय से इस इलाके में अवैध हथियार बनाने का कार्य कर रहा था।
प्रारंभिक जांच में यह मामला अंतरराज्यीय हथियार तस्करी से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। गिरफ्तार आरोपितों ने पूछताछ में खुलासा किया कि उन्हें हथियार बनाने के लिए कच्चा माल पश्चिम बंगाल के कुल्टी इलाके के अर्श मोहम्मद द्वारा सप्लाई किया जाता था। इससे साफ है कि यह नेटवर्क झारखंड, बिहार और बंगाल के कई इलाकों में फैला हुआ हो सकता है।
छापेमारी अभियान के दौरान बाघमारा डीएसपी, कतरास और महुदा के पुलिस निरीक्षक, स्थानीय थाना बल और विशेष पुलिस दस्ता मौके पर मौजूद थे। फिलहाल एटीएस टीम गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ कर रही है और इस अवैध हथियार नेटवर्क की पूरी श्रृंखला का खुलासा करने में जुटी है।
यह कार्रवाई न केवल स्थानीय अपराध नियंत्रण की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि अंतरराज्यीय अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने की ओर भी एक महत्वपूर्ण प्रयास साबित हो सकती है।



