Ranchi : गुरुपूर्णिमा के पावन अवसर पर सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, धुर्वा, रांची में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर भारत माता की प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा, विद्यालय की वार्षिक पत्रिका ‘अरुणोदय’ के तेरहवें संस्करण का लोकार्पण तथा आचार्य सम्मान समारोह संपन्न हुआ।
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कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और पुष्पार्चन के साथ हुई, जिसे माननीय न्यायमूर्ति दीपक रौशन (झारखंड उच्च न्यायालय) ने किया। उनके साथ विशिष्ट अतिथि के रूप में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के राष्ट्रीय मंत्री श्री ब्रह्माजी राव उपस्थित रहे।
भारत माता प्रतिमा का लोकार्पण इन दोनों गणमान्य अतिथियों के कर-कमलों से संपन्न हुआ।
शिशु विकास मंदिर समिति (झारखंड) के अध्यक्ष श्री शक्तिनाथ लाल दास ने मुख्य अतिथि का स्वागत स्मृति चिह्न एवं अंग वस्त्र प्रदान कर किया। विद्यालय के मंत्री श्री अखिलेश्वर नाथ मिश्र ने विद्यालय के इतिहास की जानकारी दी, बताया कि 1970 में स्थापित इस संस्था में वर्तमान में 2700 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।
‘अरुणोदय’ पत्रिका का लोकार्पण मंचासीन अतिथियों द्वारा किया गया। कक्षा 12वीं की छात्रा एवं पत्रिका की संपादक तेजस्विनी कुमारी ने अपने उद्बोधन में कहा कि यह पत्रिका विद्यार्थियों की रचनात्मकता, संस्कृति और विद्यालय की स्मृतियों का दस्तावेज है।
मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति दीपक रौशन ने कहा, “गुरु ब्रह्मा हैं, गुरु विष्णु हैं, गुरु ही शिव हैं। समाज में गुरु का स्थान सर्वोपरि है।” वहीं विशिष्ट अतिथि ब्रह्माजी राव ने गुरुपूर्णिमा की महत्ता बताते हुए महर्षि वेदव्यास के योगदान को याद किया।
इस अवसर पर सभी आचार्य बंधु-भगिनी एवं आचार्येत्तर कर्मचारियों को अंगवस्त्र व ‘रामचरितमानस’ भेंट कर सम्मानित किया गया। समिति सदस्य श्री नर्मदेश्वर मिश्र ने देशभक्ति गीत की प्रस्तुति से माहौल को भावनात्मक बना दिया।
अंत में, समिति अध्यक्ष श्री शक्तिनाथ लाल दास ने कहा कि गुरु अज्ञान से ज्ञान की ओर ले जाने वाले पथप्रदर्शक हैं। धन्यवाद ज्ञापन उपाध्यक्ष प्रो. ब्रज किशोर जायसवाल ने किया।
इस गरिमामयी समारोह में समिति के अनेक सम्मानित सदस्य, प्राचार्य ललन कुमार, उपप्राचार्य मीना कुमारी समेत समस्त आचार्यगण उपस्थित रहे।






