Ranchi : झारखंड कांग्रेस में वरिष्ठ नेता के.एन. त्रिपाठी के हालिया बयान को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से गृह विभाग छोड़ने की मांग वाले बयान पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कड़ी आपत्ति जताते हुए पार्टी नेतृत्व से त्रिपाठी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है।
डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि के.एन. त्रिपाठी पहले अपनी राजनीतिक हैसियत देखें, उसके बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर टिप्पणी करें। उन्होंने सवाल उठाया कि महागठबंधन के नेता और मुख्यमंत्री को सलाह देने का अधिकार त्रिपाठी को किसने दिया। उनका आरोप है कि यह बयान केवल व्यक्तिगत राय नहीं, बल्कि महागठबंधन की एकता को कमजोर करने वाला है और इससे भाजपा को राजनीतिक लाभ मिल सकता है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस तरह के बयान कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भावनाओं को आहत करते हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ अनर्गल बयानबाजी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। उनके अनुसार, हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड विकास, सामाजिक न्याय और जनकल्याण के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है और ऐसे समय में अपनी ही सरकार पर सवाल उठाना उचित नहीं है।
डॉ. अंसारी ने कांग्रेस के झारखंड प्रभारी के. राजू और प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश से मांग की कि पार्टी में रहकर महागठबंधन और सरकार को कमजोर करने वाले नेताओं के खिलाफ तत्काल और सख्त संगठनात्मक कार्रवाई की जाए।
गौरतलब है कि कांग्रेस नेता के.एन. त्रिपाठी ने हाल ही में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से गृह विभाग छोड़ने की मांग की थी। इसके बाद कांग्रेस के भीतर मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की प्रतिक्रिया ने महागठबंधन की राजनीति और कांग्रेस के आंतरिक समीकरणों को लेकर नई राजनीतिक चर्चा शुरू कर दी है।





