Ranchi : शहर के लालपुर स्थित एस.जी. एक्सोटिका अपार्टमेंट में 5 से 8 जून 2025 तक ईशा फाउंडेशन, कोयंबटूर द्वारा एक विशेष योगिक कार्यक्रम “इनर इंजीनियरिंग” का आयोजन किया गया। इस चार दिवसीय आध्यात्मिक सत्र में रांची और आसपास के क्षेत्रों से सैकड़ों प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और शांभवी महामुद्रा क्रिया का सशक्त अनुभव किया।
शांभवी महामुद्रा – संतुलन, ऊर्जा और आनंद का स्रोत
इस कार्यक्रम की विशेषता रही शांभवी महामुद्रा क्रिया, जिसे ईशा फाउंडेशन के प्रशिक्षित शिक्षकों द्वारा सिखाया गया। यह योगिक अभ्यास केवल 21 मिनट का होता है, लेकिन इसके प्रभाव गहरे और जीवन को छूने वाले माने जाते हैं। यह क्रिया शरीर, मन, भावना और ऊर्जा को संतुलन में लाकर जीवन में स्पष्टता, जागरूकता और आनंद की अनुभूति कराती है।
सतगुरु के दृष्टिकोण ने दिलाई गहराई से आत्मिक अनुभूति
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने साझा किया कि यह अनुभव उनके जीवन के लिए एक नया मोड़ बन गया। कई लोगों ने पहली बार इतनी गहराई से आंतरिक शांति महसूस की। एक प्रतिभागी ने कहा, “महज 21 मिनट की साधना में जो शांति और ऊर्जा महसूस हुई, वह जीवन भर की खोज थी।” किसी ने कहा, “यह अनुभव बाहरी दुनिया की हलचल से हटकर भीतर की स्थिरता को महसूस कराने वाला था।”
रांचीवासियों के लिए यह एक अनोखा योगिक अनुभव बना
ईशा फाउंडेशन का यह प्रयास न केवल लोगों को योग और साधना से जोड़ता है, बल्कि एक सकारात्मक जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा भी देता है। कार्यक्रम के समापन पर कई लोगों ने इस अनुभव को शब्दों में व्यक्त नहीं कर पाने की बात कही, और कई ने भविष्य में नियमित रूप से इसका अभ्यास जारी रखने का संकल्प लिया।
और जानें इस आध्यात्मिक यात्रा के बारे में
यदि आप भी अपने जीवन में स्थायित्व, स्पष्टता और गहराई लाना चाहते हैं, तो अधिक जानकारी के लिए ईशा फाउंडेशन की आधिकारिक वेबसाइट isha.co/InnerEngineering पर अवश्य जाएं।
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