Ranchi: झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) की मैट्रिक और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा 2026-27 में शामिल होने की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए नियमित स्कूल जाना बेहद जरूरी हो गया है। 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए कम से कम 75 प्रतिशत उपस्थिति का मानक लागू है। ऐसे में कम अटेंडेंस वाले छात्रों की चिंता बढ़ सकती है। स्कूल स्तर पर अब विद्यार्थियों की उपस्थिति का रिकॉर्ड लगातार अपडेट किया जा रहा है। जिन छात्रों की उपस्थिति निर्धारित सीमा से कम है, उन्हें नियमित कक्षा में आने के लिए कहा जा रहा है। साथ ही कई स्कूल अभिभावकों से संपर्क कर बच्चों की उपस्थिति सुधारने पर जोर दे रहे हैं।
कम अटेंडेंस वाले छात्रों पर स्कूलों की नजर
बोर्ड परीक्षा नजदीक आने के साथ स्कूल प्रबंधन 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों की उपस्थिति को लेकर ज्यादा सक्रिय हो गया है। कम उपस्थिति वाले विद्यार्थियों की पहचान कर उन्हें नियमित स्कूल आने की सलाह दी जा रही है। स्कूलों को उपस्थिति रजिस्टर और संबंधित रिकॉर्ड को नियमित रूप से अपडेट रखने के लिए भी कहा गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बोर्ड परीक्षा से पहले विद्यार्थियों की निर्धारित उपस्थिति पूरी हो सके।
अभिभावकों से भी किया जा रहा संपर्क
जिन विद्यार्थियों की अटेंडेंस 75 प्रतिशत से कम है, उनके अभिभावकों को भी स्थिति की जानकारी दी जा रही है। स्कूल प्रबंधन अभिभावकों से बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजने की अपील कर रहा है। इसका सीधा असर उन विद्यार्थियों पर पड़ सकता है जो लंबे समय से स्कूल से अनुपस्थित रहे हैं। इसलिए छात्रों और अभिभावकों दोनों के लिए जरूरी है कि वे अभी से उपस्थिति को लेकर सतर्क रहें।
सिर्फ परीक्षा की तैयारी काफी नहीं
बोर्ड परीक्षा की तैयारी में छात्र आमतौर पर पढ़ाई और सिलेबस पूरा करने पर ध्यान देते हैं, लेकिन इस बार उपस्थिति का पहलू भी महत्वपूर्ण है। 75 प्रतिशत अटेंडेंस का निर्धारित मानक पूरा करना भी विद्यार्थियों के लिए जरूरी है।
छात्रों को इन बातों का रखना चाहिए ध्यान
- रोजाना स्कूल जाने की कोशिश करें।
- अपनी वर्तमान अटेंडेंस स्कूल से जरूर पता करें।
- कम उपस्थिति होने पर स्कूल प्रबंधन से जानकारी लें।
- अभिभावक बच्चों की नियमित उपस्थिति पर नजर रखें।
- स्कूल में दर्ज उपस्थिति का रिकॉर्ड समय-समय पर जांचते रहें।
अभी भी सुधार का मौका
कम अटेंडेंस वाले विद्यार्थियों के लिए फिलहाल नियमित रूप से स्कूल जाकर अपनी उपस्थिति सुधारना महत्वपूर्ण है। छात्रों को बिना जरूरी कारण के छुट्टी लेने से बचना चाहिए और बोर्ड परीक्षा की तैयारी के साथ-साथ स्कूल में नियमित उपस्थिति बनाए रखनी चाहिए। 75 प्रतिशत उपस्थिति से जुड़े नियम और किसी विशेष परिस्थिति में मिलने वाली छूट के संबंध में विद्यार्थियों को अपने स्कूल अथवा JAC के आधिकारिक निर्देशों की जानकारी जरूर लेनी चाहिए।




