West Singhbhum : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि उनकी सरकार राजधानी या हेडक्वार्टर से नहीं, बल्कि गांवों से संचालित हो रही है। सरकार की योजनाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही हैं और लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान हो रहा है। इसके सकारात्मक परिणाम आज पूरे झारखंड में दिखाई दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री सोमवार को पश्चिमी सिंहभूम जिले के टोटो प्रखंड अंतर्गत सेरेंगसिया में शहीदों को नमन, विकास योजनाओं के शिलान्यास-उद्घाटन एवं परिसंपत्ति वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह दिन ऐतिहासिक है, जब हम अपने अमर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके सपनों को पूरा करने का संकल्प ले रहे हैं।
हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड हर मोर्चे पर तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है। सरकार का फोकस आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक और बौद्धिक सशक्तिकरण पर है। जब तक समाज इन सभी क्षेत्रों में मजबूत नहीं होगा, तब तक समग्र विकास संभव नहीं है।
मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से अपने बच्चों को हर हाल में शिक्षा दिलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि गरीब और जरूरतमंद बच्चों के लिए सरकार उत्कृष्ट शिक्षा, नि:शुल्क कोचिंग, मेडिकल-इंजीनियरिंग की तैयारी और विदेशों में उच्च शिक्षा हेतु 100 प्रतिशत छात्रवृत्ति जैसी योजनाएं चला रही है।
महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आधी आबादी को आत्मनिर्भर बनाना सरकार का संकल्प है। मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत 18 से 50 वर्ष की महिलाओं को हर साल 30 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 398 करोड़ 19 लाख रुपये की लागत से 197 विकास योजनाओं का शिलान्यास एवं उद्घाटन किया। साथ ही विभिन्न विभागों की योजनाओं के तहत 3.77 लाख लाभार्थियों को 637 करोड़ रुपये से अधिक की परिसंपत्तियां वितरित की गईं। इसके अलावा 1479 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे गए।
कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ने सेरेंगसिया शहीद स्मारक पर शीश नवाकर पोटो हो सहित अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष करने वाले वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि झारखंड वीरों की धरती रही है और अपने शहीदों का सम्मान हमारी संस्कृति का हिस्सा है।



