Ranchi : जेपीएससी-2 घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच तेज करते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर झारखंड पुलिस और प्रशासन के 28 आरोपित अधिकारियों की पोस्टिंग और घोषित संपत्तियों का पूरा ब्योरा मांगा है।
ईडी ने यह कदम ECIR (इन्फोर्समेंट केस इंफॉर्मेशन रिपोर्ट) दर्ज करने के बाद उठाया है। ये सभी अधिकारी सीबीआई की जांच में आरोपित हैं और फिलहाल जमानत पर हैं।
🔍 क्या है पूरा मामला
सीबीआई ने जेपीएससी-2 घोटाले में कुल 60 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी, जिनमें शामिल हैं—
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जेपीएससी के 6 अधिकारी
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ग्लोबल इंफॉरमेटिक्स का 1 अधिकारी
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गलत तरीके से सफल घोषित 28 परीक्षार्थी
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25 परीक्षक
इनमें से कई अधिकारी गलत तरीके से चयनित होकर आज बड़े पदों पर पहुंच चुके हैं।
📈 प्रमोशन भी मिल चुका है
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राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी अब ADM रैंक तक प्रमोट हो चुके हैं
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राज्य पुलिस सेवा के दो अधिकारी IPS बन चुके हैं
ईडी ने अपने ECIR में इन सभी को अभियुक्त बनाया है।
📄 संपत्ति का ब्योरा क्यों जरूरी
नियमों के मुताबिक—
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राज्य सेवा के अधिकारियों को हर साल राज्य सरकार को संपत्ति विवरण देना होता है
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अखिल भारतीय सेवा के अधिकारी केंद्र सरकार को संपत्ति का ब्योरा सौंपते हैं
ईडी अब इन अधिकारियों द्वारा अब तक दी गई सभी संपत्ति घोषणाओं की जांच कर यह पता लगाएगी कि कहीं आय से अधिक संपत्ति तो नहीं बनाई गई।
⚖️ जांच के दायरे में कौन
ईडी की जांच में वे अधिकारी शामिल होंगे—
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जिन्होंने राजस्व रिकॉर्ड में हेराफेरी की
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सरकारी जमीन या नियुक्तियों में गलत तरीके से नाम दर्ज कराए
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अवैध तरीके से चयन और प्रमोशन का लाभ लिया
🔜 आगे क्या
अब ईडी—
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संपत्ति और आय के स्रोतों का मिलान करेगी
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मनी लॉन्ड्रिंग के सबूत तलाशेगी
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जरूरत पड़ने पर कुर्की और गिरफ्तारी जैसी कार्रवाई कर सकती है
जेपीएससी घोटाले में ईडी की यह कार्रवाई राज्य के प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा सकती है और आने वाले दिनों में कई बड़े नामों पर शिकंजा कसने की संभावना है।



