New Delhi : ईरान से जुड़े तनाव और दुनियाभर में गैस-तेल सप्लाई पर असर को देखते हुए भारत सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। सरकार का कहना है कि आयात पर निर्भरता और वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए ऊर्जा संसाधनों का संतुलित उपयोग जरूरी हो गया है।
एलपीजी सिलेंडर की कीमत में बढ़ोतरी
केंद्र सरकार ने 7 मार्च को घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम में करीब 7% की बढ़ोतरी की है। इसके बाद 14.2 किलो वाले गैस सिलेंडर की कीमत लगभग ₹965 तक पहुंच गई है। करीब एक साल बाद हुई इस बढ़ोतरी से आम परिवारों के बजट पर असर पड़ना तय है।
हालांकि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को प्रति सिलेंडर ₹300 की सब्सिडी मिलती रहेगी, जिससे उन्हें सिलेंडर करीब ₹550 में उपलब्ध होगा।
गैस बुकिंग नियमों में बड़ा बदलाव
सरकार ने एलपीजी बुकिंग नियमों में भी बदलाव किया है:
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अब एक सिलेंडर बुक करने के तुरंत बाद दूसरा बुक नहीं किया जा सकेगा।
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ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में दो बुकिंग के बीच 45 दिन का अंतर अनिवार्य किया गया है (पहले 25 दिन था)।
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बुकिंग के बाद करीब 2.5 दिन में डिलीवरी सुनिश्चित की जाएगी।
एक परिवार साल में अधिकतम 15 सिलेंडर बुक कर सकता है, जिनमें से 12 पर सब्सिडी मिलेगी। घर में कानूनी रूप से अधिकतम 2 सिलेंडर रखने की अनुमति है।
PNG उपभोक्ताओं के लिए LPG पर रोक
सरकार ने पाइप्ड नैचुरल गैस (PNG) उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी सिलेंडर पर रोक लगा दी है।
गैस कंपनियों को निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे उपभोक्ताओं को न तो नया कनेक्शन दिया जाए और न ही पुराने सिलेंडर भरे जाएं। उन्हें स्वेच्छा से एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करने को कहा गया है।
समान वितरण पर सरकार का जोर
सरकार का उद्देश्य एलपीजी गैस का समान वितरण सुनिश्चित करना है, खासकर ग्रामीण और गरीब वर्गों तक इसकी उपलब्धता बढ़ाने के लिए। जहां PNG सुविधा मौजूद है, वहां से एलपीजी की खपत कम करके अन्य क्षेत्रों में सप्लाई बढ़ाने की योजना है।
आम जनता की चिंता बढ़ी
इन नए नियमों के बीच लोगों के मन में चिंता भी बढ़ रही है। अगर किसी आपात स्थिति में PNG सप्लाई बंद हो जाती है, तो खाना बनाने के लिए विकल्प क्या होगा—यह सवाल अब चर्चा का विषय बना हुआ है।
फिलहाल गैस एजेंसियां उपभोक्ताओं के डेटा की निगरानी कर रही हैं और नए नियमों के अनुसार व्यवस्था लागू की जा रही है।

