New Delhi : प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के दो वर्ष के कार्यकाल की उपलब्धियों को लेकर शनिवार को कटनी कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता उस समय विवादों में घिर गई, जब प्रभारी मंत्री एवं परिवहन व उच्च शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह पत्रकारों के सवालों से बचते नजर आए और बिना जवाब दिए ही प्रेसवार्ता छोड़कर चले गए।
प्रेसवार्ता के दौरान मंत्री उदय प्रताप सिंह सरकार की विकास योजनाओं और उपलब्धियों का बखान कर रहे थे। इसी बीच पत्रकारों ने प्रदेश के सबसे बड़े आदिवासी जमीन घोटाले और जिले में अवैध रेत उत्खनन को लेकर सवाल पूछे। सवाल पूछे जाने के बाद मंत्री ने किसी भी मुद्दे पर प्रतिक्रिया देने के बजाय पत्रकार वार्ता समाप्त करने की घोषणा की, सभी का आभार जताया और सिर झुकाकर बाहर निकल गए।
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश के सबसे बड़े आदिवासी जमीन घोटाले में भाजपा विधायक संजय पाठक से जुड़ा मामला चर्चा में है, जिसमें चार आदिवासी कर्मचारियों के नाम पर करीब 1135 एकड़ जमीन खरीदे जाने का आरोप है। इस मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग, नई दिल्ली ने डिंडौरी, जबलपुर, सिवनी, कटनी और उमरिया के कलेक्टरों को नोटिस जारी किया था।
आयोग के नोटिस के बावजूद पांच में से चार जिलों के कलेक्टरों द्वारा अब तक रिपोर्ट नहीं भेजी गई है, जिनमें कटनी कलेक्टर का नाम भी शामिल बताया जा रहा है। पत्रकारों ने मंत्री से यह भी पूछा कि चारों आदिवासी कहां हैं और प्रशासन अब तक उन्हें क्यों नहीं खोज पाया, लेकिन इन सवालों पर मंत्री ने कोई जवाब नहीं दिया।
इस प्रेसवार्ता के दौरान खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा, जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्रों के विधायक, कलेक्टर और एसपी भी मौजूद थे। मंत्री का इस तरह सवालों से बचना सत्ता पक्ष के लिए असहज स्थिति के रूप में देखा जा रहा है।



