रांची। राष्ट्रीय कृषि (National Agriculture) और ग्रामीण विकास बैंक (Rural Development Bank) (नाबार्ड) 12 जुलाई 1982 को ग्रामीण विकास और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए एक विकास बैंक के रूप में संसद के एक अधिनियम द्वारा अस्तित्व में आया था। पिछले चार दशकों में, नाबार्ड ने कृषि और ग्रामीण पारिस्थितिकी तंत्र को सक्रिय और सशक्त बनाने की दिशा में लगातार काम कर रहा है।
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नाबार्ड ने पुनर्वित्त के माध्यम से कृषि, गैर-कृषि गतिविधियों तथा अन्य संबद्ध गतिविधियों के विकास को बल दिया है । साथ ही ऋण योजना के निर्माण तथा नवीन ऋण वितरण तंत्र विकसित करने हेतु कृषि और ग्रामीण विकास के लिए नीति वकालत करते हुए देश के शीर्ष विकासात्मक वित्तीय संस्थान के रूप में अपनी भूमिका सफलतापूर्वक निभाई है।
इस उपलक्ष्य पर श्री सी.पी.राधाकृष्णन (Shri C.P.Radhakrishnan), माननीय राज्यपाल, झारखंड अपनी गरिमामयी उपस्थिती से सभा को अनुगृहित करेंगे।



