दायित्व पद नहीं, समाजसेवा के प्रति संकल्प और उत्तरदायित्व का नाम : प्रफुल्ल अकांत

वनवासी कल्याण केन्द्र के दायित्व बोध प्रशिक्षण वर्ग में कार्यकर्ताओं को संगठन की कार्यपद्धति, अनुशासन और सेवा-भाव का पाठ मुकेश रंजन Ranchi : दायित्व किसी पद की पहचान मात्र नहीं, बल्कि सौंपे गए कार्य को पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ पूरा करने का संकल्प

दायित्व पद नहीं, समाजसेवा के प्रति संकल्प और उत्तरदायित्व का नाम : प्रफुल्ल अकांत
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  • वनवासी कल्याण केन्द्र के दायित्व बोध प्रशिक्षण वर्ग में कार्यकर्ताओं को संगठन की कार्यपद्धति, अनुशासन और सेवा-भाव का पाठ

मुकेश रंजन
Ranchi : दायित्व किसी पद की पहचान मात्र नहीं, बल्कि सौंपे गए कार्य को पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ पूरा करने का संकल्प है। संगठन की कार्यक्षमता तभी मजबूत होती है, जब कार्यकर्ता अपने दायित्व को समझते हुए लक्ष्य के प्रति निरंतर सक्रिय रहें। यह बात वनवासी कल्याण केन्द्र के उत्तर मध्य क्षेत्र के क्षेत्रीय संगठन मंत्री प्रफुल्ल अकांत ने रविवार को रांची में आयोजित दायित्व बोध प्रशिक्षण वर्ग में कही।

वनवासी कल्याण केन्द्र, रांची महानगर के कार्यकर्ताओं के लिए रविवार, 27 सितंबर को प्रांतीय कार्यालय ‘वनश्री’, वन वृन्दावन कॉलोनी में प्रशिक्षण वर्ग आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य कार्यकर्ताओं को संगठनात्मक दायित्व, कार्यपद्धति और समाज के प्रति उत्तरदायित्व का बोध कराते हुए सेवा कार्यों को अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के लिए प्रशिक्षित करना था।

प्रशिक्षण के दौरान प्रफुल्ल अकांत ने कहा कि वनवासी कल्याण केन्द्र जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास और व्यापक सामाजिक उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। वर्ष 1952 में जशपुर से प्रारंभ हुई संगठन की सेवा-यात्रा आज विस्तृत स्वरूप ले चुकी है। उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य समाज में विघटन पैदा करना नहीं, बल्कि ‘तू मैं एक रक्त’ की भावना के साथ समाज के विभिन्न घटकों को जोड़कर आगे बढ़ना है। संवाद और सहभागिता के माध्यम से समाज को साथ लेकर चलना संगठन की कार्यपद्धति का महत्वपूर्ण आधार है।

उन्होंने कार्यकर्ताओं से समाज के बीच निरंतर सक्रिय रहकर सेवा कार्यों को गति देने का आह्वान किया। पद और दायित्व के अंतर को स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि पद केवल पहचान देता है, जबकि दायित्व कार्य के प्रति उत्तरदायित्व और उसे पूरा करने की प्रतिबद्धता का बोध कराता है। किसी दायित्व का वास्तविक महत्व तभी है, जब उसके साथ निश्चित कार्य, लक्ष्य और उसे पूरा करने का संकल्प जुड़ा हो।

प्रशिक्षण वर्ग में प्रांत महामंत्री धनंजय सिंह, प्रांत मंत्री पुनीत लाल, प्रांत संगठन मंत्री सुशील मरांडी, रांची महानगर अध्यक्ष डॉ. विजय राज और महानगर सचिव प्रतीक बदानी की गरिमामयी उपस्थिति रही। महानगर के विभिन्न दायित्वों से जुड़े कार्यकर्ताओं ने प्रशिक्षण में सहभागिता की।

कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं को निष्ठा, अनुशासन, निरंतरता और समर्पण के साथ संगठनात्मक कार्यों को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया। प्रशिक्षण वर्ग का समापन वंदे मातरम् के सामूहिक गायन के साथ हुआ।

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