Ranchi : रांची के कांके क्षेत्र में हाल ही में प्रकृति ने ऐसा दृश्य रचा, जिसने हर प्रकृति प्रेमी का दिल जीत लिया। दर्जनों एशियाई ओपनबिल स्टॉर्क (Asian Openbill Stork) एक साथ हरे-भरे वृक्षों की शाखाओं पर विश्राम करते नजर आए। सफेद-धूसर रंग के पंख, लंबा कद और विशिष्ट चोंच वाले ये पक्षी जब पेड़ों पर बैठे, तो ऐसा प्रतीत हुआ मानो पेड़ खुद किसी उत्सव का हिस्सा बन गया हो।
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एशियाई ओपनबिल स्टॉर्क मुख्य रूप से दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया में पाया जाने वाला दुर्लभ पक्षी है। इसकी चोंच की विशेष बनावट इसे जलजीवों, खासकर घोंघों को पकड़ने में सक्षम बनाती है। ये प्राणी दलदली इलाकों, झीलों और नदियों के किनारे रहना पसंद करते हैं और अधिकतर झुंड में नजर आते हैं।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, यह दृश्य अब उनके जीवन का हिस्सा बन गया है। कदमा गांव के एक बुजुर्ग ने कहा, “ये पेड़ अब किसी दूल्हे की तरह लगते हैं, सफेद सेहरे में सजे हुए।” वहीं एक अन्य ग्रामीण ने बताया कि अब इनकी उपस्थिति गांव की पहचान बन गई है।
इस दृश्य की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। लोगों ने इन पक्षियों को “धरती की शांति”, “आसमान की कविता” जैसे शब्दों में बयां किया। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, इन पक्षियों की उपस्थिति यह संकेत देती है कि यह क्षेत्र अब भी पारिस्थितिक रूप से समृद्ध और संतुलित है।
प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखने की दिशा में ग्रामीणों और पर्यावरणविदों ने प्रशासन से अपील की है कि कांके क्षेत्र को संवेदनशील पक्षी क्षेत्र (IBA) घोषित किया जाए। इसके साथ ही, स्थानीय विद्यालयों में पक्षी और पर्यावरण शिक्षा को बढ़ावा देने, पेड़ों की कटाई और ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण की मांग की गई है।
जहाँ ओपनबिल स्टॉर्क की उड़ान होती है, वहाँ जीवन की नई आशा जन्म लेती है। यह नज़ारा केवल पक्षी प्रेमियों के लिए नहीं, बल्कि हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरणा है, जो प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व की कल्पना करता है।

