Ranchi : झारखंड में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा डायल 108 एंबुलेंस के संचालन में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने स्पष्ट किया है कि सेवा में लगातार खामियों के चलते 108 एंबुलेंस का संचालन कर रही कंपनी सम्मान फाउंडेशन को डिबार किया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आपात स्थिति में मरीजों तक समय पर एंबुलेंस नहीं पहुंच पा रही है, जिससे लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है। हाल ही में रांची रेलवे स्टेशन के बाहर एक बुजुर्ग सड़क दुर्घटना में घायल होकर लंबे समय तक तड़पते रहे, लेकिन 108 एंबुलेंस तय समय में मौके पर नहीं पहुंची। अंततः पुलिस की मदद से उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
डॉ. अंसारी ने बताया कि कंपनी ने पहले बहुत कम दर पर ठेका हासिल किया, लेकिन अब सेवा संचालन में असमर्थ साबित हो रही है। राज्य सरकार बेहतर और सक्षम एजेंसी को यह जिम्मेदारी सौंपेगी ताकि नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा मिल सके।
इधर, 108 एंबुलेंस कर्मचारियों में भी भारी नाराजगी है। कर्मचारी संघ का आरोप है कि कई महीनों से वेतन नहीं मिला है, कर्मचारियों से 18 घंटे तक ड्यूटी कराई जा रही है, लेकिन न तो ओवरटाइम दिया जाता है और न ही साप्ताहिक अवकाश। विरोध करने पर नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में यह भी सामने आया कि कुल 543 एंबुलेंस में से 174 पहले ऑफरोड थीं, जिनमें से अब भी 63 एंबुलेंस सेवा में नहीं हैं। विभाग ने पहले ही कंपनी को शोकॉज नोटिस जारी कर 20 लाख रुपये के जुर्माने की चेतावनी दी थी, लेकिन सुधार नहीं हुआ।
सरकार ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही इस एजेंसी के खिलाफ अंतिम निर्णय लिया जाएगा।



