Patna : नेपाल और तराई क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण बिहार की प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। गुरुवार को वीरपुर बराज पर कोसी नदी का जलस्राव करीब 2.5 लाख क्यूसेक पहुंच गया, जिसके बाद प्रशासन ने बराज के 56 में से 34 फाटक खोल दिए।
बढ़ते जलस्तर के कारण सुपौल, सहरसा और खगड़िया के कई इलाकों में बाढ़ का पानी फैलने लगा है। तटबंध के भीतर बसे गांवों और निचले क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
सुपौल के कई गांव जलमग्न
सुपौल जिले के सरायगढ़-भपटियाही प्रखंड के सियानी, ढोली और झखराही सहित कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। सियानी प्राथमिक विद्यालय परिसर में पानी भर जाने से पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो गई है, जबकि झखराही स्कूल और ढोली गांव नदी कटाव की चपेट में हैं।
सहरसा में सड़क नदी में समाई
सहरसा जिले के नवहट्टा क्षेत्र में तटबंध के भीतर स्थित बिरजाईन-महुआ चाही सड़क का करीब 30 से 40 फीट हिस्सा नदी में बह गया है। वर्ष 2016-17 में करीब 55 लाख रुपये की लागत से बनी इस सड़क की 1.25 करोड़ रुपये की लागत से मरम्मत की जा रही थी।
कटाव के कारण दर्जनों घर नदी में समा गए हैं। सड़क टूटने से रसलपुर, भेलाही और रामजीटोला समेत कई गांवों का संपर्क टूट गया है और लोग नाव के सहारे आवाजाही करने को मजबूर हैं।
खगड़िया में खतरे के निशान से ऊपर नदियां
खगड़िया में कोसी नदी खतरे के निशान से 95 सेंटीमीटर और बागमती नदी 1.12 मीटर ऊपर बह रही है। बागमती का पानी मानसी प्रखंड के हियादपुर गांव को चारों ओर से घेर चुका है, जहां मुख्य सड़क पर कमर तक पानी बह रहा है।
गंगा और बूढ़ी गंडक का जलस्तर भी बढ़ा
राज्य में गंगा और बूढ़ी गंडक नदियों का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। गंगा का पानी परबत्ता के दियारा क्षेत्रों, विशेषकर माधवपुर और तेमथा करारी में फैलने लगा है, जिससे किसानों और पशुपालकों के सामने चारे का संकट गहराने की आशंका है।
पूर्णिया और बांका में भी असर
पूर्णिया के बायसी अनुमंडल में कनकई और दास नदियों के उफान से सिमलबाड़ी और हरिपुर पंचायत में तेज कटाव हो रहा है। हरिपुर की सड़क नदी में समा चुकी है, जबकि बैसा प्रखंड के डुमरिया गांव में पिछले 24 घंटों के दौरान करीब 50 मीटर उपजाऊ जमीन नदी में बह गई है।
वहीं, बांका में लगातार बारिश के कारण तारा मंदिर के पास रेलवे फाटक के निकट मुख्य सड़क धंस गई है, जिससे आवागमन प्रभावित हो गया है।










