Bihar: बिहार के वैशाली जिले के कटहरा थाना क्षेत्र में देर रात दुकान-सह-आवास पर बमबारी किए जाने का मामला सामने आया है। करहटिया बुजुर्ग गांव में हुए इस विस्फोट से इलाके में हड़कंप मच गया। घटना के समय परिवार के छह सदस्य दुकान से सटे चौकी पर सो रहे थे। धमाके की आवाज सुनकर उनकी नींद खुली और सभी सुरक्षित बाहर निकल आए। घटना में एक बम दुकान में फटने से आग लग गई, जबकि दूसरा बम घर के बाहर पड़ा मिला और विस्फोट नहीं हुआ। पुलिस ने मौके से जिंदा बम बरामद कर उसे निष्क्रिय कराया है।
रात करीब ढाई बजे हुआ धमाका
जानकारी के अनुसार, रामनाथ राय अपने तीन पोते और एक पोती समेत परिवार के छह सदस्यों के साथ दुकान से सटे स्थान पर सो रहे थे। रात करीब 2:30 बजे अचानक तेज धमाके की आवाज सुनाई दी। परिवार के लोगों की नींद खुली तो दुकान से धुआं निकलता दिखाई दिया। बताया जा रहा है कि अज्ञात लोगों ने दुकान की ओर दो बम फेंके थे। इनमें से एक बम दुकान के अंदर या उसके हिस्से में फट गया, जिससे आग लग गई और वहां रखा कुछ सामान जल गया। वहीं दूसरा बम घर के बाहर सो रहे परिवार के पास फेंके जाने का आरोप है, लेकिन वह फटा नहीं।
पुलिस ने जिंदा बम किया बरामद
घटना की सूचना मिलने के बाद गश्ती दल में तैनात सब इंस्पेक्टर सुमन कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल की जांच के दौरान जिंदा बम बरामद किया। बाद में बम को निष्क्रिय कर दिया गया। दुकान में फटे बम से संबंधित मलबे को भी पुलिस ने जब्त कर लिया है। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी पुलिस सतर्क हो गई।
फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य
घटना की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जरूरी साक्ष्य जुटाए। इसके अलावा महुआ अंचल निरीक्षक रणवीर कुमार झा ने भी मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस अब बरामद सामग्री और फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बमबारी किसने और किस वजह से की।
पुराने विवाद को लेकर लगाया गया आरोप
पीड़ित रामनाथ राय ने प्राथमिकी में घटना के पीछे कथित विवाद को वजह बताया है। उनके आरोप के मुताबिक, घटना से पहले जीविका दीदी के सीएम से कुछ बिंदुओं को लेकर उनके परिवार की महिलाओं का विवाद हुआ था। रामनाथ राय का आरोप है कि इसी विवाद को लेकर जीविका दीदी के परिवार के प्रशांत कुमार समेत कुछ अन्य लोगों ने कथित तौर पर गाली-गलौज की थी और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी थी। पीड़ित ने प्राथमिकी में आरोप लगाया है कि इसी विवाद के चलते परिवार को निशाना बनाते हुए सोने के दौरान बम से हमला किया गया।
आरोपों की पुलिस कर रही जांच
पुलिस ने प्राथमिकी के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। हालांकि, पीड़ित परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की पड़ताल कर रही है। जांच का मुख्य फोकस घटना में इस्तेमाल किए गए विस्फोटक, मौके से मिले मलबे और जिंदा बम के अलावा आरोपितों की भूमिका का पता लगाने पर है। फिलहाल घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है और परिवार के सभी छह सदस्य सुरक्षित बताए जा रहे हैं।



