Jamshedpur : झारखंड के जमशेदपुर जिले में शिक्षा को लेकर एक अनोखी और सराहनीय पहल की जा रही है। शैक्षणिक सत्र 2026–27 से सरकारी स्कूलों में बच्चों के साथ-साथ उनके माता-पिता की भी नियमित पढ़ाई शुरू की जाएगी। यह पहल साक्षर भारत अभियान और हुलास कार्यक्रम के तहत लागू की जा रही है।
योजना के अनुसार, सोमवार से शनिवार तक रोजाना एक घंटे अभिभावकों के लिए अलग कक्षाएं संचालित होंगी। इस दौरान माता-पिता को बुनियादी साक्षरता और गणित की शिक्षा दी जाएगी।
📝 निरक्षर अभिभावकों की सूची तैयार
कार्यक्रम के लिए स्कूलों में पंजीकरण के साथ ही शिक्षक अपने-अपने पोषण क्षेत्र में निरक्षर अभिभावकों की पहचान कर रहे हैं। प्रत्येक स्कूल को कम से कम 15 ऐसे माता-पिता को चिन्हित करने का लक्ष्य दिया गया है, जो पढ़े-लिखे नहीं हैं।
📚 क्या पढ़ाया जाएगा अभिभावकों को
अभिभावकों की कक्षाओं में उन्हें—
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अपना नाम लिखना
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हस्ताक्षर करना
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जोड़, घटाव, गुणा और भाग जैसी बुनियादी गणित
सिखाई जाएगी।
इन कक्षाओं में केवल माताएं ही नहीं, बल्कि पिता भी शामिल होंगे। यानी यह कार्यक्रम महिला और पुरुष दोनों के लिए समान रूप से लागू होगा।
🧑🏫 स्कूल समय में ही होंगी कक्षाएं
शिक्षकों को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वे स्कूल समय के भीतर ही अभिभावकों की अलग कक्षा संचालित करें। विद्यार्थियों की पढ़ाई के समानांतर अभिभावकों को भी शिक्षा दी जाएगी। उनके सीखने का आकलन करने के लिए परीक्षाएं भी ली जाएंगी।
🏫 सभी स्कूलों में लागू होगी योजना
यह साक्षरता कार्यक्रम जिले के सभी प्राथमिक, मध्य और उच्च विद्यालयों में लागू किया जाएगा। विद्यार्थियों की वार्षिक परीक्षा के बाद अभिभावकों की कक्षाएं शुरू होंगी। अप्रैल 2026 से नए सत्र के साथ नियमित पढ़ाई आरंभ होगी।
सत्र के अंत में अभिभावकों की परीक्षा ली जाएगी और बेहतर प्रदर्शन करने वालों को सम्मानित भी किया जाएगा। शिक्षा विभाग का मानना है कि इस पहल से न सिर्फ अभिभावकों का आत्मविश्वास बढ़ेगा, बल्कि बच्चों की पढ़ाई में भी सकारात्मक बदलाव आएगा।



