- बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने पद संभालने के चार महीने में अस्पतालों के औचक निरीक्षण और कामकाज के तरीके से सोशल मीडिया पर अपनी छवि को लेकर चर्चा बदल दी है।
Patna : बिहार की राजनीति में बदलाव और नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद उनके परिवार से किसी सदस्य के सत्ता के गलियारों में आने की चर्चा नहीं थी। नीतीश कुमार लंबे समय से परिवारवाद के खिलाफ अपने रुख को लेकर जाने जाते रहे हैं। हालांकि, बदले राजनीतिक समीकरणों के बीच मई में सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान निशांत कुमार ने बिहार के नए स्वास्थ्य मंत्री के रूप में शपथ ली।
शुरुआत में निशांत कुमार को लेकर लोगों की राय काफी सख्त थी। सोशल मीडिया पर उनके ढीले-ढाले कपड़ों से लेकर बोलने की झिझक तक का मजाक उड़ाया गया। पदभार संभालने के पहले दिन उनके एक बयान को लेकर भी उन्हें ट्रोल किया गया।
निशांत कुमार ने सवालों के जवाब में कहा था, “मुझे अभी बहुत कुछ नहीं पता है, थोड़ा वक्त दीजिए, सब समझने दीजिए।”
हालांकि, महज चार महीनों के भीतर निशांत कुमार को लेकर चर्चा का स्वर बदलता नजर आ रहा है। जिनकी योग्यता को लेकर शुरुआत में सवाल उठे थे, अब उनके काम करने के तरीके को लेकर बिहार में चर्चा हो रही है।
आधी रात अस्पतालों का औचक निरीक्षण
निशांत कुमार आधी रात को अचानक सीतामढ़ी के सदर अस्पताल पहुंचकर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लेते हैं। बिना किसी तामझाम के अस्पताल की व्यवस्था को परखने के उनके तरीके ने ध्यान खींचा है।
वहीं, पीएमसीएच जैसे बड़े अस्पतालों के वार्डों में घूमकर भी वह आम लोगों से सीधे बातचीत कर रहे हैं। वह मरीजों और उनके परिजनों से दवा की उपलब्धता, डॉक्टरों की मौजूदगी और इलाज के दौरान हो रही परेशानियों की जानकारी ले रहे हैं।
सोशल मीडिया पर बदला नजरिया
निशांत कुमार को लेकर सोशल मीडिया पर भी अब अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। जो लोग पहले उनके पहनावे और बोलने के अंदाज पर टिप्पणी कर रहे थे, उनमें से कई अब उनके काम करने के तरीके की सराहना कर रहे हैं।
रंजन सिंह ने एक्स पर लिखा, “भारत के स्वास्थ्य मंत्री को ऐसे बोलने आता है क्या सोच पाएगा ऐसा। इतना दिन से चुपचाप था एक एक चीज की जानकारी ले रहा था।”
उन्होंने आगे लिखा, “पहले दिन निशांत कुमार ने बोल दिया था मुझे नहीं पता है मुझे अभी सब समझने दीजिए अब बहुत कुछ समझ गया अब खेला शुरू हो गया है।”
‘नकारात्मक छवि थी, लेकिन धारणा बदली’
वहीं, अंकित शर्मा ने एक्स पर लिखा कि शुरुआत में उनकी तरह कई लोगों के मन में निशांत कुमार को लेकर नकारात्मक छवि थी। हालांकि, उनके अनुसार निशांत कुमार ने अपने निरंतर प्रयासों और कार्यों से इस धारणा को गलत साबित कर दिया है।
मंत्री पद संभालने के बाद चार महीनों के दौरान अस्पतालों के निरीक्षण और कामकाज के तरीके को लेकर निशांत कुमार की छवि पर नई चर्चा शुरू हुई है। शुरुआती ट्रोलिंग के बाद अब सोशल मीडिया पर उनके काम की सराहना करने वाली प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं।



