DSP समेत 12 पुलिसकर्मियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी

Bihar : अदालत में गवाही देने के लिए उपस्थित नहीं होने पर बिहार की एक अदालत ने डीएसपी, थानाध्यक्ष समेत 12 पुलिसकर्मियों के खिलाफ गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। यह आदेश Narendra Pal Singh ने विशेष एनडीपीएस कोर्ट-2 में सुनवाई के दौरान दिया। कोर्ट

DSP समेत 12 पुलिसकर्मियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी
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Bihar : अदालत में गवाही देने के लिए उपस्थित नहीं होने पर बिहार की एक अदालत ने डीएसपी, थानाध्यक्ष समेत 12 पुलिसकर्मियों के खिलाफ गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। यह आदेश Narendra Pal Singh ने विशेष एनडीपीएस कोर्ट-2 में सुनवाई के दौरान दिया। कोर्ट ने सभी आरोपित पुलिसकर्मियों को 9 मार्च तक गिरफ्तार कर अदालत में पेश करने का निर्देश दिया है।

कोर्ट ने कहा- कानून से ऊपर कोई नहीं

अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि गवाहों की अनुपस्थिति से न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित होती है और मामलों के निपटारे में देरी होती है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और अदालत के आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बार-बार समन के बावजूद नहीं पहुंचे पुलिसकर्मी

दरअसल, अदालत ने दो अलग-अलग मामलों में पुलिसकर्मियों को गवाही के लिए कई बार समन जारी किया था। इसके बावजूद वे अदालत में उपस्थित नहीं हुए। इसे गंभीरता से लेते हुए अदालत ने सभी के खिलाफ गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया।

पहला मामला: कट्टा और स्मैक के साथ गिरफ्तारी

पहला मामला कुढ़नी थाना क्षेत्र के गरहुआ चौक से जुड़ा है। करीब चार साल पहले पुलिस ने रौशन कुमार नामक युवक को लोडेड देसी कट्टा और 1.920 मिलीग्राम स्मैक के साथ गिरफ्तार किया था।

इस मामले में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है, लेकिन गवाही के दौरान पुलिसकर्मी अदालत में पेश नहीं हुए। इसके बाद अदालत ने तत्कालीन कुढ़नी थानाध्यक्ष अरविंद पासवान, तत्कालीन डीएसपी विपिन नारायण शर्मा, आईओ विवेकानंद सिंह, एएसआई प्रकाश कुमार और दो गृहरक्षकों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है।

दूसरा मामला: एटीएम फ्रॉड करने वाला अंतरराज्यीय गिरोह

दूसरा मामला सदर थाना क्षेत्र की खबरा भेल कॉलोनी का है। अगस्त 2020 में पुलिस ने एटीएम फ्रॉड करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया था।

छापेमारी के दौरान आरोपियों के पास से एक किलो चरस, एटीएम क्लोनिंग मशीन और नकदी बरामद की गई थी। हालांकि, इस मामले में भी पांच साल बीतने के बाद तक पुलिसकर्मी गवाही देने अदालत नहीं पहुंचे। इस पर कोर्ट ने इस मामले से जुड़े छह पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया।

न्यायिक प्रक्रिया पर असर

 

अदालत ने कहा कि पुलिसकर्मियों की इस लापरवाही से मामलों के निपटारे में अनावश्यक देरी हो रही है। इसलिए अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए आरोपितों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर पेश करने का आदेश दिया है।

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