अब गुंडागर्दी करने वाले हो जाए सावधान क्योंकि ‘गुंडा नियंत्रण कानून’ लागू, जानें क्या हो सकता है इसकी सजा

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now Kolkata : पश्चिम बंगाल में संगठित अपराध और गंभीर असामाजिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से ‘वेस्ट बंगाल पब्लिक सेफ्टी एंड कंट्रोल ऑफ एंटी-सोशल एक्टिविटीज एक्ट, 2026’ सोमवार से लागू हो गया। राज्यपाल की

अब गुंडागर्दी करने से पहले सौ बार सोंचे क्योंकि ‘गुंडा नियंत्रण कानून’ लागू, जानें क्या हो सकता है इसकी सजा
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Kolkata : पश्चिम बंगाल में संगठित अपराध और गंभीर असामाजिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से ‘वेस्ट बंगाल पब्लिक सेफ्टी एंड कंट्रोल ऑफ एंटी-सोशल एक्टिविटीज एक्ट, 2026’ सोमवार से लागू हो गया। राज्यपाल की मंजूरी के बाद इसके साथ ‘वेस्ट बंगाल मेंटेनेंस ऑफ पब्लिक ऑर्डर (अमेंडमेंट) एक्ट, 2026’ भी प्रभावी हो गया है।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की सरकार का कहना है कि नए कानून से पुलिस और प्रशासन को संगठित अपराध तथा समाजविरोधी गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के व्यापक अधिकार मिलेंगे।

नए कानून में निवारक हिरासत की अवधि अधिकतम एक वर्ष, संदिग्ध अपराधियों को किसी क्षेत्र या जिले से बाहर रखने, अपराध से जुड़ी संपत्ति जब्त करने तथा कई अपराधों को गैर-जमानती बनाने जैसे कड़े प्रावधान शामिल हैं।

कानून के दायरे में संगठित अपराध, रंगदारी, जबरन जमीन कब्जा, अवैध खनन और सार्वजनिक व्यवस्था को प्रभावित करने वाली गंभीर गतिविधियां शामिल की गई हैं। वहीं, सार्वजनिक या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामलों में क्षतिपूर्ति की वसूली के लिए भी प्रावधान किए गए हैं।

राज्य सरकार का दावा है कि ये कानून अपराधियों में कानून का भय पैदा करेंगे और सार्वजनिक सुरक्षा को मजबूत बनाएंगे। हालांकि, विपक्ष ने कठोर प्रावधानों के संभावित दुरुपयोग और नागरिक स्वतंत्रता पर असर को लेकर चिंता जताई है।

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