Ranchi: विश्व पर्यावरण दिवस के शुभ अवसर पर रांची स्थित प्रस्तावित उच्च विद्यालय, सुकुरहुटू ने अपने परिसर को हरियाली, जागरूकता और संकल्प के रंगों से सजा दिया। इस वर्ष की थीम “प्लास्टिक प्रदूषण को समाप्त करना” के अंतर्गत विद्यार्थियों और शिक्षकों ने मिलकर पर्यावरण संरक्षण की अलख जगाई।
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कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के प्रधानाचार्य द्वारा दिए गए प्रेरक भाषण से हुई। उन्होंने कहा, “प्रकृति हमारी जननी है और इसका संरक्षण हमारा धर्म। केवल भाषण नहीं, अब व्यवहार में बदलाव जरूरी है।” उनके इस आह्वान ने छात्रों में नई ऊर्जा भर दी।
इसके पश्चात विद्यालय परिसर में वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने मिलकर आम, नीम, अशोक, अमरूद जैसे पौधे लगाए। यह केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि प्रकृति के प्रति सजीव आभार प्रदर्शन था।
स्वच्छता और बागवानी अभियान ने भी छात्रों को श्रम और सफाई का महत्व समझाया। बच्चों ने न केवल विद्यालय परिसर को स्वच्छ किया, बल्कि पौधों की देखरेख भी शुरू कर दी।
रचनात्मक गतिविधियां जैसे पोस्टर प्रतियोगिता, निबंध लेखन और भाषण ने प्लास्टिक के दुष्प्रभावों और इको-फ्रेंडली जीवनशैली की आवश्यकता पर जागरूकता फैलाई। बच्चों ने अपने विचारों को चित्रों और शब्दों में पिरोकर यह दिखा दिया कि अगली पीढ़ी अब पर्यावरण को लेकर सजग हो चुकी है।
समापन भाषण में वरिष्ठ शिक्षक के. कुमार ने विद्यार्थियों से कहा, “आज लगाया गया पौधा कल आपकी सांस बनकर लौटेगा। अब नहीं तो कब?” उनकी बातें छात्रों के मन में गूंजती रहीं।
अंत में, एक सामूहिक संकल्प लिया गया जिसमें सभी ने प्लास्टिक का उपयोग कम करने, पुनः उपयोग योग्य उत्पाद अपनाने और हर साल कम से कम एक पौधा लगाने का वादा किया।
यह आयोजन केवल एक दिवस की गतिविधि नहीं, बल्कि भविष्य के लिए एक दिशा है। सुकुरहुटू विद्यालय ने यह सिद्ध किया कि हर छोटा प्रयास भी पर्यावरण संरक्षण की बड़ी लहर बना सकता है।

