एक लोटा जल, सब समस्याओं का हल
– शिवमहापुराण कथा के तीसरे दिन उमड़ा आस्था का महासैलाब
– पंडित प्रदीप मिश्रा के श्रीमुख से गूंजी शिवमहिमा, हर हर महादेव के जयघोष से भक्तिमय हुआ सुकुरहुट्टू
मुकेश रंजन
Ranchi : राजधानी रांची के सुकुरहुट्टू स्थित फुटबॉल मैदान में श्री शिवाला सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित भव्य शिवमहापुराण कथा के तीसरे दिन आस्था, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला। प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के श्रीमुख से प्रवाहित शिवमहापुराण कथा को सुनने के लिए रांची सहित आसपास के जिलों एवं विभिन्न राज्यों से श्रद्धालुओं का जनसैलाब कथा स्थल पर उमड़ पड़ा। पूरा कथा परिसर “हर हर महादेव”, “बोल बम” और “श्री शिवाय नमस्तुभ्यं” के जयघोष से देर शाम तक गुंजायमान रहा।
अपने ओजस्वी एवं सहज कथा वाचन शैली में पंडित प्रदीप मिश्रा जी ने भगवान शिव की महिमा का गुणगान करते हुए कहा कि “शिव ही सृष्टि के आधार हैं और शिवभक्ति ही जीवन को सकारात्मक दिशा देती है।” उन्होंने श्रद्धालुओं को सत्य बोलने, माता-पिता एवं गुरुजनों का सम्मान करने तथा सनातन संस्कारों को जीवन में उतारने का संदेश दिया। कथा के दौरान भभूत, बेलपत्र, शिवलिंग पूजन और सच्चे मन से की गई आराधना के महत्व को भी विस्तारपूर्वक बताया गया।
कथा के दौरान उनका मूल संदेश “एक लोटा जल, सब समस्याओं का हल” श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बना रहा। उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति अपने घर से भगवान शिव के लिए एक लोटा जल लेकर निकलता है, तो उसके तीन दोष स्वतः समाप्त हो जाते हैं। यह संदेश सुनते ही पूरा पंडाल “हर हर महादेव” के उद्घोष से गूंज उठा और श्रद्धालु भावविभोर होकर शिवभक्ति में डूब गए।
तीसरे दिन कथा स्थल पर आस्था का ऐसा महासैलाब उमड़ा कि अनुमानतः लगभग तीन लाख श्रद्धालु कथा में शामिल हुए। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों में विशेष उत्साह देखने को मिला। कथा प्रारंभ होने से पूर्व ही पूरा पंडाल एवं आसपास का क्षेत्र श्रद्धालुओं से पूरी तरह भर गया था। आकर्षक धार्मिक सजावट, भव्य मंच और सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं ने पूरे वातावरण को शिवमय बना दिया।
आज की कथा में बाबूलाल मरांडी, आदित्य साहू, भाजपा नेता रमेश सिंह तथा रांची के डिप्टी मेयर नीरज कुमार विशेष रूप से उपस्थित हुए। सभी अतिथियों ने कथा श्रवण कर आयोजन समिति द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा, संस्कार और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का कार्य करते हैं।
कथा के मुख्य यजमान विवेक कुमार एवं उनकी पत्नी विनिता कुमारी ने पूरे विधि-विधान एवं श्रद्धाभाव के साथ पूजा-अर्चना में भाग लिया। वहीं श्री शिवाला सेवा समिति के अध्यक्ष शितेश कुमार लगातार आयोजन की व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग करते नजर आए। समिति के सदस्यों एवं स्वयंसेवकों की सक्रियता के कारण श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा।
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कथा स्थल पर सुरक्षा, चिकित्सा, पेयजल, पार्किंग एवं यातायात व्यवस्था को लेकर व्यापक इंतजाम किए गए हैं। समिति के सदस्य एवं जिला प्रशासन पूरे आयोजन के दौरान लगातार सक्रिय रहे। स्वयंसेवकों की टीम श्रद्धालुओं के मार्गदर्शन एवं सहयोग में जुटी रही, जिससे कथा स्थल पर अनुशासन एवं सुव्यवस्था बनी रही।
कथा उपरांत आयोजित विशाल भंडारा में भी हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। देर शाम तक प्रसाद वितरण स्थल पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी गईं। पूरे आयोजन के दौरान सेवा, समर्पण और धार्मिक उत्साह का अनुपम दृश्य उपस्थित रहा।
समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि शिवमहापुराण कथा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज में आध्यात्मिक चेतना, संस्कार और सामाजिक एकता का संदेश देने का सशक्त माध्यम है। आगामी दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना को देखते हुए तैयारियों को और सुदृढ़ किया जा रहा है।
कथा के समापन के पश्चात श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की महाआरती में भाग लिया। आरती के दौरान पूरा वातावरण भक्ति, आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर दिखाई दिया।



