पैकेज्ड फूड सेहत के लिए खतरा, विशेषज्ञों ने सावधानी बरतने की दी सलाह

New Delhi : भागदौड़ भरी जीवनशैली में रेडिमेड और पैकेज्ड फूड लोगों के लिए आसान विकल्प बनता जा रहा है, लेकिन सुविधा के इस पीछे छिपा खतरा सेहत को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। कैन, पैकेट, कंटेनर, बोतल या डिब्बे में मिलने वाले खाद्य पदार्थ

पैकेज्ड फूड सेहत के लिए खतरा, विशेषज्ञों ने सावधानी बरतने की दी सलाह
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New Delhi : भागदौड़ भरी जीवनशैली में रेडिमेड और पैकेज्ड फूड लोगों के लिए आसान विकल्प बनता जा रहा है, लेकिन सुविधा के इस पीछे छिपा खतरा सेहत को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। कैन, पैकेट, कंटेनर, बोतल या डिब्बे में मिलने वाले खाद्य पदार्थ लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए कई तरह के प्रिज़र्वेटिव और केमिकल से तैयार किए जाते हैं।

पास्ता, नूडल्स, डेयरी उत्पाद, शिशु आहार, स्नैक्स और फ्रोज़न फूड जैसे आइटम इसी श्रेणी में आते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इनका नियमित सेवन लिवर, किडनी और प्रतिरक्षा प्रणाली पर नकारात्मक प्रभाव डालता है।

अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने भी पैकेज्ड फूड पर सख्त मानक लागू किए हैं। ‘डाइटरी गाइडलाइंस 2020-2025’ में कहा गया है कि पैकेज्ड खाद्य पदार्थों में मौजूद सैचुरेटेड फैट, सोडियम और शुगर मोटापा, डायबिटीज और हृदय रोगों का खतरा बढ़ाते हैं।

कैसे नुकसान पहुंचाते हैं पैकेज्ड फूड?

  • पैकेज्ड सूप में कलरिंग एजेंट, प्रिज़र्वेटिव्स और यीस्ट एक्सट्रैक्ट पाउडर मिलाया जाता है, जो लिवर और किडनी पर असर डालते हैं।

  • बिस्कुट अधिक तापमान पर बेक किए जाते हैं, जिससे तेल में मौजूद पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं।

  • इनमें मौजूद सैचुरेटेड फैट और आर्टिफिशियल स्वीटनर शरीर को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाते हैं।

  • रेडी टू ईट मील्स में अक्सर सब्जियों का पानी निकाल दिया जाता है, जिससे पोषक तत्व कम हो जाते हैं।

  • एक्सपायरी के बाद इनमें मौजूद प्रिज़र्वेटिव्स बेहद हानिकारक हो सकते हैं।

  • मूसली में मौजूद सोया लिसिथिन से मतली, चक्कर, वजन अनियमितता हो सकती है।

  • सीरियल्स में अतिरिक्त शुगर और आर्टिफिशियल कलर्स लंबे समय में कैंसर जैसी बीमारियों का जोखिम बढ़ा सकते हैं।

इन सावधानियों का रखें ध्यान

  • पैकेज्ड फूड का लेबल और न्यूट्रिशन इंडेक्स जरूर पढ़ें।

  • एक्सपायरी डेट चेक करें और 6 महीने के भीतर उपयोग करें।

  • छोटे पैक खरीदें ताकि खुलने के बाद जल्दी उपयोग हो सके।

  • कैन वाले फूड हमेशा एक्सपायरी जांचकर ही खरीदें।

  • कम फैट, कम शुगर और कम कैलोरी वाले विकल्प चुनें।

  • तला हुआ पैक्ड फूड छोड़कर स्टीम्ड, बेक्ड या रोस्टेड विकल्प अपनाएं।

विशेषज्ञों का कहना है कि पैकेज्ड फूड पूरी तरह से छोड़ना जरूरी नहीं है, लेकिन इनका अत्यधिक सेवन शरीर के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। समझदारी इसी में है कि इन्हें सीमित मात्रा में और सावधानी से इस्तेमाल किया जाए।

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