West Singhbhum : झारखंड के गोईलकेरा प्रखंड में जंगली हाथियों का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार देर रात हुए एक दिल दहला देने वाले हादसे में हाथी के हमले से एक ही परिवार के तीन सदस्यों—पिता और उसके दो मासूम बच्चों—की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत और आक्रोश का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, सोमवार रात करीब 10:30 बजे एक दंतैल हाथी आबादी वाले इलाके में घुस आया और अचानक एक परिवार पर हमला कर दिया। हमले में कुंदरा बाहदां की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके पुत्र कोदमा बाहदां और पुत्री सामू बाहदां ने भी दम तोड़ दिया। इस हमले में परिवार की एक अन्य बच्ची जिंगीं बाहदां गंभीर रूप से घायल हो गई।
घायल बच्ची को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए राउरकेला रेफर किया गया है। बताया जा रहा है कि उसके सिर में गंभीर चोट आई है और उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
🌳 वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग झारखंड की टीम मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। विभाग की ओर से मृतकों के परिजनों को तत्काल राहत के तौर पर 20 हजार रुपये की मुआवजा राशि दी गई और आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी की गई।
हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि यह सहायता बेहद नाकाफी है और हाथियों के लगातार हमलों को रोकने के लिए ठोस और स्थायी कदम उठाए जाने चाहिए।
⚠️ लगातार बढ़ रहा मानव-हाथी संघर्ष
स्थानीय लोगों के अनुसार, हाथियों का झुंड बीते कई दिनों से गोईलकेरा और आसपास के इलाकों में सक्रिय है। अब तक पूरे क्षेत्र में हाथियों के हमलों से 13 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें से 6 मौतें केवल गोईलकेरा प्रखंड में हुई हैं।
लगातार हो रही इन घटनाओं से ग्रामीणों में भय का माहौल है। लोग रात में घर से बाहर निकलने से भी डर रहे हैं। ग्रामीणों ने हाथियों की निगरानी, समय पर अलर्ट सिस्टम, वन क्षेत्रों में गश्त और प्रभावित गांवों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम की मांग की है।






