Ranchi : सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, धुर्वा, रांची में बुधवार को कक्षा 11वीं के नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं के लिए व्यक्तित्व विकास शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों के भीतर संस्कार, अनुशासन, आत्मविश्वास एवं मार्गदर्शन के माध्यम से उनके सम्पूर्ण विकास को सुनिश्चित करना रहा।
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शिविर का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना से हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में परम पूज्य स्वामी परिपूर्णानंद जी महाराज, आचार्य चिन्मय मिशन, रांची की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्हें शिशु विकास मंदिर समिति के संरक्षक श्री पवन मंत्री द्वारा अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।
विद्यालय के प्राचार्य श्री ललन कुमार ने मंचासीन अतिथियों का परिचय कराया। वहीं समिति के माननीय मंत्री अखिलेश्वर नाथ मिश्र ने शिविर की भूमिका स्पष्ट करते हुए बताया कि यह शिविर कक्षा 11वीं के छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जहां उन्हें विद्यालय की परंपरा, अनुशासन और संस्कारों से परिचित कराया जाता है।
अपने उद्बोधन में स्वामी परिपूर्णानंद जी ने कहा कि व्यक्तित्व केवल पढ़ाई से नहीं, बल्कि व्यवहार, वाणी, विचार और संस्कारों से बनता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे विद्यार्थी जीवन को तपस्वी भाव से जिएं।
कार्यक्रम के दौरान बहन कनक (कक्षा 10) द्वारा एकल गीत प्रस्तुत किया गया। इसके अलावा मेधावी छात्र परीक्षा आयोजित कर प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया।
विशेष सत्र में कैरियर काउंसलर अजय कुमार सिंह (पूर्व विभागाध्यक्ष, मनोविज्ञान विभाग, एसपीएमयू) ने छात्रों को कैरियर की दिशा में मार्गदर्शन दिया। उन्होंने किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक और मानसिक परिवर्तनों पर भी प्रकाश डाला।
अन्य कैरियर विशेषज्ञों में मनीष कुमार, कुंदन कुमार सिंह और राकेश पाठक ने शिक्षा और रोजगार के विभिन्न क्षेत्रों की जानकारी दी। वहीं डॉ. आर.एस. डे ने आर्ट्स एवं कॉमर्स संकाय के छात्रों की काउंसलिंग की।
कार्यक्रम के समापन सत्र में छात्रों ने अपने अनुभव साझा किए, और शास्त्रीय नृत्य की प्रस्तुति ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। धन्यवाद ज्ञापन राकेश पांडेय ने किया। कार्यक्रम में समिति के कई सम्मानित सदस्य एवं शिक्षक उपस्थित रहे।



