Jamtara : प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ अब केवल वास्तविक जरूरतमंद परिवारों को ही मिलेगा। जिन परिवारों के पास पहले से पक्का मकान, चार पहिया वाहन या अधिक संपत्ति है, उन्हें इस योजना से बाहर किया जाएगा। सरकार अब सैटेलाइट निगरानी और जमीनी सत्यापन के जरिए पात्र लाभुकों की पहचान कर रही है।
सोमवार को नारायणपुर प्रखंड के शहरपुर पंचायत में पीएम आवास योजना की प्रतीक्षा सूची में शामिल परिवारों की जांच की गई। इस जांच दल का नेतृत्व प्रखंड विकास पदाधिकारी देवराज गुप्ता ने किया। जांच के दौरान कई परिवार अपवर्जन मानकों पर खरे नहीं उतरे।
जांच में पाया गया कि कुछ परिवार पहले से ही पक्के मकानों में रह रहे हैं या उनके पास पर्याप्त संसाधन मौजूद हैं, जिससे वे गरीबी रेखा से ऊपर पाए गए। बीडीओ ने बताया कि यह जांच सरकार द्वारा भेजी गई संदिग्ध सूची के आधार पर की जा रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल वही परिवार योजना के पात्र होंगे, जो कच्चे मकानों में रहते हैं, जिनकी संपत्ति सीमित है और जिनके पास चार पहिया वाहन नहीं है। इसके अलावा जिन परिवारों के पास पांच एकड़ से अधिक भूमि है, उन्हें किसी भी परिस्थिति में पीएम आवास योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा।
सभी पंचायतों में होगी जांच
प्रशासन ने साफ किया है कि प्रधानमंत्री आवास योजना गरीब और बेघर परिवारों के लिए है। इस तरह की जांच अब जिले की सभी पंचायतों में की जाएगी। इसकी शुरुआत शहरपुर पंचायत से की गई है, जहां प्रतीक्षा सूची में शामिल 145 परिवारों की जांच की जानी है।
इसके लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया गया है, जिसमें कनीय अभियंता और अन्य कर्मचारी शामिल हैं। प्रत्येक परिवार की वास्तविक स्थिति की जांच के बाद ही सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि संपन्न परिवारों द्वारा सरकारी योजनाओं का गलत लाभ लेने की कोशिश किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। चयन प्रक्रिया में न तो किसी की पैरवी चलेगी और न ही किसी प्रकार का दबाव। वहीं, जो परिवार वास्तव में जरूरतमंद हैं, उन्हें बिना किसी परेशानी के पीएम आवास योजना का लाभ दिया जाएगा।



