15 दिन में ढही तालाब की दीवार, लघु सिंचाई विभाग पर उठे सवाल

Ranchi : रांची जिले के पिठौरिया गांव में स्थित ऐतिहासिक अंधेरी तालाब में हुए जीर्णोद्धार कार्य को लेकर भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है। ग्रामीणों के अनुसार लघु सिंचाई विभाग द्वारा महज एक महीने पहले कराए गए निर्माण कार्य की दीवारें सिर्फ 15 दिन

15 दिन में ढही तालाब की दीवार, लघु सिंचाई विभाग पर उठे सवाल
Advertisement

Ranchi : रांची जिले के पिठौरिया गांव में स्थित ऐतिहासिक अंधेरी तालाब में हुए जीर्णोद्धार कार्य को लेकर भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है। ग्रामीणों के अनुसार लघु सिंचाई विभाग द्वारा महज एक महीने पहले कराए गए निर्माण कार्य की दीवारें सिर्फ 15 दिन में दरक गईं, जिससे न सिर्फ सरकारी पैसे की बर्बादी हुई, बल्कि किसानों की उम्मीदें भी टूट गईं।

15 दिन में ढही तालाब की दीवार, लघु सिंचाई विभाग पर उठे सवाल
15 दिन में ढही तालाब की दीवार, लघु सिंचाई विभाग पर उठे सवाल

Also Read : करंट के साए में बुढ़मू के ग्रामीण, जलजमाव में तैरते बिजली के तार

तालाब की यह दीवारें उस योजना के तहत बनाई गई थीं जो किसानों की सिंचाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लाई गई थी। लेकिन निर्माण कार्य की गुणवत्ता इतनी खराब थी कि थोड़ी सी बारिश में ही दीवारें फट गईं और मिट्टी बहने लगी।

शिकायत, लेकिन कार्रवाई नहीं:
ग्रामीणों ने 1 जून 2025 को शिकायत संख्या 3064 के तहत रांची के उपायुक्त को मामले से अवगत कराया था। लेकिन अफसोस की बात यह है कि अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस चुप्पी ने ग्रामीणों में आक्रोश भर दिया है।

सूचना बोर्ड तक नहीं लगाया गया:
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण स्थल पर कोई सूचना बोर्ड नहीं लगाया गया था। न तो बजट की जानकारी दी गई, न कार्य की समय-सीमा बताई गई। पारदर्शिता पूरी तरह नदारद थी। घटिया सामग्री से काम करवाया गया, जिससे 15 दिन भी यह निर्माण नहीं टिक सका।

हरियाली से जुड़ी उम्मीदें टूटीं:
अंधेरी तालाब वर्षों से गांव की सिंचाई व्यवस्था की रीढ़ रहा है। इससे दर्जनों किसानों की फसलें सींची जाती थीं। लेकिन अब यह तालाब भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है, “यह सिर्फ तालाब नहीं, हमारी हरियाली की सांस है। इसे हम बर्बाद नहीं होने देंगे।”

ग्रामीणों ने चेताया आंदोलन का बिगुल:
गांववालों ने ठेकेदार और लापरवाह अभियंताओं पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि जल्द जांच और कार्रवाई नहीं हुई, तो वह सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे।

यह मामला सिर्फ एक तालाब का नहीं, गांव की जीवनरेखा और सिस्टम की जवाबदेही का है।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram
संबंधित खबरें.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *