Hooghly : जिले के आरामबाग में द्वारकेश्वर नदी पर बना ऐतिहासिक रामकृष्ण सेतु अब खुद खतरे की निशानी बन चुका है। इस पुल की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि अब इसके कंक्रीट की परतें टूट गई हैं और लोहे की सरिए बाहर निकल आई हैं। पुल की सतह पर जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं, पिच उखड़ गई है और सड़क ऊबड़-खाबड़ हो चुकी है।
Also Read : रांची में शराब से भरी पिकअप वैन पलटी, लूटपाट और जाम से मचा हड़कंप
यह पुल दक्षिण बंगाल के मेदिनीपुर, झाड़ग्राम और बांकुड़ा जिलों को हुगली से जोड़ने वाला एकमात्र संपर्क माध्यम है। यही कारण है कि इस पुल पर लगातार भारी वाहनों की आवाजाही होती रहती है — जिनमें सैकड़ों ओवरलोडेड ट्रक, सरकारी और निजी बसें शामिल हैं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, पुल में कंपन तक महसूस होती है जब भारी वाहन गुजरते हैं। वे डरे हुए हैं कि कहीं यह पुल भी गुजरात के मोरबी हादसे की तरह अचानक गिर न जाए।
हालांकि प्रशासन की ओर से पुल के पास केवल एक चेतावनी बोर्ड लगा दिया गया है, जिसमें लिखा है कि “पुल कमजोर है।” लेकिन इसके बावजूद ट्रकों और भारी गाड़ियों की आवाजाही पर कोई रोक नहीं लगाई गई है।
एक स्थानीय निवासी ने बताया, “बाढ़ का पानी लगातार बढ़ रहा है। सड़क की हालत भी खराब है और ट्रैफिक की समस्या आम हो गई है। हमें डर है कि कोई बड़ी दुर्घटना कभी भी हो सकती है।”
आश्चर्य की बात यह है कि इस गंभीर स्थिति के बावजूद अभी तक कोई ठोस मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया गया है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि पुल की तुरंत मरम्मत कराई जाए और जब तक यह सुरक्षित न हो, तब तक भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई जाए।
यदि समय रहते प्रशासन ने उचित कदम नहीं उठाए, तो यह पुल एक बड़ा हादसा निमंत्रण दे सकता है।

