Ranchi : रांची जिले के कांके प्रखंड कार्यालय परिसर की हालत देखकर कोई नहीं कह सकता कि यहां से विकास और स्वच्छता की योजनाएं संचालित होती हैं। स्वच्छ भारत मिशन और कौशल विकास जैसी बड़ी सरकारी योजनाओं के पोस्टर और बैनरों से सजे परिसर की हकीकत बेहद शर्मनाक है। हर तरफ फैली गंदगी, कूड़े के ढेर और बदबूदार नालियों ने इस सरकारी कार्यालय को बीमारियों का अड्डा बना दिया है।
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सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि जिस स्थान पर कौशल विकास और श्रम नियोजन विभाग का भव्य बैनर लटकाया गया है, उसके नीचे गंदगी और सड़ांध ने डेरा जमा लिया है। यह नजारा सरकार के दावों और जमीनी हकीकत के बीच की गहरी खाई को उजागर करता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार शिकायतों के बावजूद प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। कचरे में पनपते मच्छर और दुर्गंध से संक्रमण का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। खासकर बरसात के मौसम में यह गंदगी और भी जानलेवा हो सकती है।
कांके की सड़कों पर भी यही स्थिति देखने को मिल रही है। जहां-जहां स्वच्छता से जुड़े बोर्ड लगे हैं, ठीक उन्हीं के नीचे कचरे के ढेर और गंदगी का अंबार दिखाई देता है। हाल ही में एक व्यक्ति को इन बोर्डों के पास खुलेआम पेशाब करते देखा गया, जो साफ तौर पर प्रशासन की लापरवाही का सबूत है।
लोगों का कहना है कि जब खुद सरकारी योजनाओं के कार्यालय अपने गेट के बाहर सफाई नहीं रख पा रहे हैं, तो आम इलाकों में स्वच्छता की उम्मीद कैसे की जाए? कौशल विकास विभाग और नगर निगम पर निशाना साधते हुए नागरिकों ने कहा कि सिर्फ पोस्टर और बैनर लगाने से विकास नहीं दिखता, बल्कि सफाई और व्यवस्था से असली विकास का एहसास होता है।
यह स्थिति प्रशासन के लिए एक चेतावनी है कि यदि स्वच्छता को केवल प्रचार का माध्यम बनाकर छोड़ दिया गया, तो जनता का भरोसा टूटता जाएगा। समय आ गया है कि नारे नहीं, जमीनी कार्य से बदलाव दिखे।



