Ranchi : 12 जून सुबह रांची रेलवे स्टेशन पर एक संवेदनशील और साहसिक कहानी ने जन्म लिया । जहां मासूम आंखों में पलते सपनों को एक काली साज़िश निगलने ही वाली थी, लेकिन तभी समय पर पहुंची आरपीएफ और AHTU की टीम ने वह कर दिखाया जो किसी फ़िल्मी कहानी से कम नहीं।
कमांडेंट पवन कुमार के निर्देशन में आरपीएफ, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट और ‘नन्हे फरिश्ते’ टीम ने संयुक्त रूप से चलाए गए विशेष अभियान में प्लेटफॉर्म नंबर 2 से 6 नाबालिग लड़कों को संदिग्ध अवस्था में पाया।
पूछताछ में सामने आया कि ये सभी मासूम, काम की तलाश में बिहार के गया जिले से निकले थे और तस्करों के जाल में फंस सकते थे। लेकिन वक्त रहते हुई इस कार्रवाई ने एक अनकही त्रासदी को होने से रोक लिया।
रेस्क्यू के बाद सभी बच्चों को चाइल्डलाइन को सौंपा गया, जहां उन्हें देखभाल, काउंसलिंग और पुनर्वास की सुविधा दी जा रही है।
इस हृदयस्पर्शी अभियान में उप निरीक्षक सोहन लाल, निरीक्षिका सुनीता तिर्की, अभिषेक कुमार यादव, सुचिता प्रभा टोप्पो और संगीता कच्छप की भूमिका उल्लेखनीय रही।






