Ranchi : पूर्व मध्य रेलवे के मुरी स्टेशन पर रेल सुरक्षा बल (RPF) ने एक सघन अभियान चलाते हुए ऑपरेशन “NARCOS” के तहत बड़ी कामयाबी हासिल की है। ट्रेन संख्या 15027 मौर्य एक्सप्रेस के कोच BE-1 में गुप्त सूचना के आधा
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गिरफ्तार तस्करों की पहचान आज़ाद कुमार (उम्र 23 वर्ष) और अविनाश चौहान (उम्र 19 वर्ष) के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के निवासी हैं। दोनों आरोपी मौर्य एक्सप्रेस से नशीले पदार्थ की तस्करी कर रहे थे, लेकिन मुरी आरपीएफ की चौकस निगरानी से बच नहीं सके।
इस साहसिक कार्रवाई में इंस्पेक्टर संजीव कुमार, एसआई बसंत मलिक, एएसआई मनतु कुमार जयसवाल, कुमार कुशल, राज कुमार, दिनेश कुमार, और प्रदीप शामिल थे। टीम ने तत्परता और कुशल रणनीति के साथ तस्करों को पकड़ने में सफलता पाई।
बरामद 10 किलो गांजे की अनुमानित कीमत करीब ₹1 लाख बताई जा रही है। कार्रवाई के दौरान गांजा एक बैग में छुपाकर रखा गया था, जिसे यात्रियों की नजर से बचाने की कोशिश की जा रही थी। लेकिन मुरी स्टेशन पर पहले से तैनात RPF की टीम ने संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखते हुए उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया।
पूरे मामले में NDPS Act, 1985 के तहत मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को आवश्यक कार्रवाई हेतु जीआरपी (Government Railway Police) के हवाले कर दिया गया है।
रेलवे प्रशासन ने इस कार्रवाई को नशे के खिलाफ अभियान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। उन्होंने बताया कि नशे की तस्करी को रोकने के लिए रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में लगातार निगरानी और विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं।
इस तरह की सफल कार्रवाई न केवल कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करती है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा और रेल परिवहन की शुद्धता बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाती है।



